प्रशासन की नाक के नीचे शहर में चल रहे पोस्टर वार चल रहा है। शहर के अधिकतर मार्गों पर स्थित सरकारी एवं निजी इमारतों पर पोस्टर एवं बैनर लगाकर डिफेसमेंट एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन इस बारे में नगर परिषद द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
सभी प्रमुख चौक चौराहों पर इश्तेहारों से उसके स्वरूप को ही बदल दिया गया है। इन पोस्टरों के लिए न तो कोई अनुमति और न ही कोई निश्चित जगह। जिस कारण रात को मुंह पर कपड़ा लपेट कर आए नकाबपोश जहां मन चाहा, वहीं पोस्टर चस्पा कर देते हैं।
क्या है नियम
नियमानुसार किसी भी सरकारी संपत्ति पर पोस्टर या बैनर अथवा कोई प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकती। यदि कोई व्यक्ति निजी संपत्ति पर भी प्रचार सामग्री चस्पा करता है तो उसे संबंधित संपत्ति के मालिक से सहमति पत्र लेना होगा। लेकिन शहर में इन नियमों की पालना नहीं हो पा रही है।
दिवाली के कारण ज्यादा पोस्टर
दिवाली को देखते हुए शहर में पोस्टर एवं बैनरों की बाढ़ सी आ गई है। नेता सहित कई संगठन शहर में पोस्टर चस्पा करवा रहे हैं। लेकिन नगर परिषद से इस बारे में कोई अनुमति नहीं ली जा रही है।
सांकेतिक बोर्ड भी पोस्टरों से अटे
पूरे शहर में सांकेतिक बोर्ड भी सरकार द्वारा लगाए गए हैं, लेकिन पोस्टर प्रचारकों ने इन सभी सांकेतिक बोर्डों को भी पोस्टरों से पाट दिया है। जिस कारण शहर में आने वाले लोगों को सड़क, चौक चौराहे एवं मोहल्ले के नाम के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती।
इन जगहों पर लगे हैं पोस्टर
पेहोवा चौक, क्वालिटी चौक, जवाहर पार्क के दोनों गेटों पर, चिल्ड्रन पार्क, आरकेएसडी कॉलेज, इंदिरा गांधी महिला कॉलेज, जाट कॉलेज, हनुमान वाटिक, लघु सचिवालय, एसपी हाउस, महिला थाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चंदाना गेट, श्रीराम लीला उत्सव स्थल, अंबेडकर चौक, भगत सिंह चौक के चारों ओर, भगवान परशुराम चौक, शहीद स्मारक, विश्वकर्मा चौक सहित अन्य संस्थान शामिल है।
होगी कानूनी कार्रवाई : ईओ
शहर में काफी मात्रा में पोस्टर चौक चौराहों पर लगा दिए गए है। जिन लोगों ने पोस्टर लगाए हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाने पर छह महीने से लेकर दो साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान है। पोस्टरों से शहर की सूरत खराब हो रही है। जिसके खिलाफ कार्रवाई आवश्यक होगी।
एसके गोयल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद