कांग्रेस पार्टी की सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई विकास परियोजनाएं भारतीय जनता पार्टी के शासन में लगभग ठप पड़ी हैं।
कैथल शहर में करोड़ों रुपया खर्च होने के बाद कई बड़ी परियोजनाएं ठंडे बस्ते में हैं। जिस कारण इन परियोजनाओं की जगह पर अब कांग्रेस घास उगना शुरू हो गई है। कहने को अधिकारियों का एक ही जवाब है कि बजट नहीं है। लेकिन जानकारों का मानना है कि राजनैतिक कारणों के चलते इन विकास परियोजनाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
कैथल में शहर की सबसे बड़ी समस्या के समाधान के लिए सिटी थाने के पास बनने वाली मल्टी स्टोरी पार्किंग, भाई उदय सिंह किले के जीर्णोद्धार का कार्य, किले के निकट ही ओपन एयर थियेटर, बैंकिंग स्कवॉयर, सिटी स्कवॉयर, ओपन एयर थियेटर के निकट बनने वाले कई खेलों के मैदान एवं कचरे से बिजली बनाने का प्रोजैक्ट काम शुरू होने के बावजूद लटका हुआ है।
कहां क्या और कितनी राशि में बनना था
1. मल्टी स्टोरी पार्किंग एवं मार्केट
पुराने शहर की पार्किंग की समस्या से निजात के लिए थाना सिटी के पास 4 मंजिला पार्किंग एवं कला केंद्र बनना था। जिसके लिए करीब 30 से 40 फुट गहराई तक खुदाई की जा चुकी है। अब यहां झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। इस कार्य पर 6 करोड़ रुपया लगना था।
2. ओपन एयर थियेटर
भाई उदय सिंह के किले एवं वृद्धकेदार सरोवर के बीच में ओपन एयर थियेटर बनना था। जिसके लिए मिट्टी की भराई एवं मंच के लिए नींव भरने का काम पूरा हो चुका है। लेकिन अब काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से यह प्रोजैक्ट पूरा होना है। जिस पर लगभग 1 करोड़ रुपया खर्च हो चुका है।
3. खेल के मैदान
ओपन एयर थियेटर के निकट ही कई खेलों के मैदान बनने थे। जिसके लिए मिट्टी का भराव तो हो चुका है। केवल घास अथवा मैदान के ऊपरी हिस्से बनाए जाने शेष रहते हैं। लेकिन अब यह काम भी ठंडे बस्ते में चला गया है। जबकि शहर के बीच में बच्चों को खेलने के लिए इस तरह की जगह की सख्त जरूरत है।
4. भाई उदय सिंह का किला
भाई उदय सिंह के किले का जीर्णोद्धार कार्य भी अधूरा पड़ा हुआ है। इस कार्य पर करीब 5 करोड़ रुपया खर्च होना था। लेकिन अब आगे काम ठप पड़ा हुआ है। अभी तक 5 में से लगभग 1 करोड़ रुपया खर्च हो चुका है। इसे अंदर से पूरी तरह से जीर्णोद्धार उपरांत ऊपर एक रेस्तरां बनना था। इसके बाद इसे पर्यटन के लिए खोला जाना था। शहर के लिए यह दुर्भाग्य की बात है कि इसके प्रवेश द्वार पर अब ताला लगा हुआ है।
5. बैंकिंग स्कवॉयर
करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला एवं क्वालिटी चौक से पिहोवा चौक तक बैंकों के बाहर पार्किंग के कारण लगने वाले जाम से निजात के लिए पुराने बस अड्डे की जगह में बैंकिंग स्कवॉयर बनाया जाना शुरू किया गया था। जिसमें शहर के सभी बैंकों को एक ही जगह भवन दिया जाना है। इस पर काम शुरू हो चुका है। लेकिन अब बीच में ही बंद कर दिया गया है। करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से यह काम पूरा किया जाना है।
6. सिटी स्कवॉयर
पुराने बस अड्डे की ही जगह में सिटी स्कवॉयर बनाया जाना है। जो अंतरराष्ट्रीय स्तरीय पार्क होगा। इस पर करीब 1 करोड़ रुपया खर्च होने के बाद अब काम बंद है। जिस कारण पहले से खर्च की जा चुकी राशि का भी कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
7. कचरे से बिजली प्रोजेक्ट
हुडा से जमीन का हस्तांतरण करवाकर सेक्टर 21 की जगह में कचरे से बिजली बनाए जाने का प्रोजैक्ट शुरू किया गया था। जो अभी अधूरा पड़ा हुआ है। जिस कारण शहर से कचरे के उठान के बावजूद लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ता है।
8. बायोडाईवर्सिटी पार्क
भाई उदय सिंह के किले से चिल्ड्रन पार्क की ओर जाते समय प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थल पर बायोडाइवर्सिटी पार्क का निर्माण किया जाना था। जिस पर करीब 20 लाख रुपये की राशि खर्च होनी थी। इस जगह को अवैध कब्जों से बचाने के लिए यह प्रोजैक्ट शुरू किया गया था। लेकिन यह भी अधूरा पड़ा हुआ है।
क्या कहते हैं नेता
विकास से वंचित रखना चाहती है भाजपा सरकार
कैथल से विधायक एवं कांग्रेस पार्टी के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह भाजपा की छोटी सोच का परिचायक है। ठीक है कि सरकार बदल गई है। लेकिन कांग्रेस के कार्यकाल में शुरू हुए विकास कार्यों से कांग्रेस पार्टी के लोगों का ही थोड़े फायदा होना है। इससे तो पूरे शहर, समाज एवं सभी लोगों को फायदा होना है। भाजपा कैथल के लोगों को विकास की दौड़ में पीछे रखना चाहती है। जो उसके सबका साथ सबका विकास नाम के खोखले नारे का परिचायक है। वर्ना तो जिन प्रोजेक्टस पर काम शुरू हो चुका है, उन्हें रुकवाने का कोई मतलब नहीं बनता।
कई कार्य नियमों की अनदेखी करके शुरू किए गए हैं, सभी को पूरा करवाएंगे
वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजपाल तंवर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल में शहर में कई कार्य नियमों की अनदेखी करते हुए शुरू किए गए थे। जिस कारण ये सभी विचाराधीन है। सभी प्रोजेक्टस को पूरा करवाया जाएगा।
नगर परिषद के अध्यक्ष रामनिवास मित्तल का कहना है कि पूरे प्रदेश की नगर पालिकाओं, नगर परिषदों को सरकार ने करोड़ों रुपया का फंड विकास के लिए दिया है। लेकिन कैथल नगर परिषद ऐसी है, जहां अभी तक सरकार द्वारा कोई फंड नहीं दिया गया है। जिस कारण करोड़ों रुपये की परियोजनाएं शुरू होने के बावजूद भी ठप पड़ी हुई हैं।