जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा गांव देवबन कैंची चौक पर दिया जा रहा धरना 27वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता नफे सिंह गुज्जर ने की। समिति के जिला प्रधान प्रवीन किच्छाना व संजय जागलान ने कहा जाट समाज भाजपा समाज की किसी धमकी या उनके दवाब में आकर झुकने वाला नहीं है। हमें सरकार की लाठी, गोली या जेलों की परवाह नही है। जब तक छह जातियों को प्रदेश और केंद्र में बीसी श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता हम धरनों से टस से मस नहीं होंगे। धरने को संबोधित करते हुए प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल व मास्टर अजमेर सिह ने मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की, उन्होंने कहा है आंदोलन में भाग लिया तो सरकार उनको नौकरियां नहीं देगी। इस पर पलटवार करते हुए कहा आंदोलन में भाग लेने पर संवैधानिक रूप से नौकरियों से नहीं रोक सकते, लेकिन जाट समाज आने वाले समय में बख्शीश सिंह विर्क को उनकी औकात बता देगा। कहा विर्क के बयान से भाजपा सरकार को अलोकतांत्रिक और तानाशाही रवैया उजागर हो चुका है जो जनता द्वारा अपनी मांगे व आवाज उठाने पर उनके सवैंधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलना चाहती है। जिससे यह जाट डरने वाले नहीं है।
जोगी राम मलिक और सुभाष मटौर ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन किसी भी विपक्षी पार्टी के बहकावे या उकसावे से नहीं चलाया जा रहा। इस मौके पर आभे राम, राजा राम किच्छाना, राजा कसान, मियां सिह, हीरामल जाजनपुर, जवाहरलाल, बनी सिह, होशियार सिह, सोनू बांगड, ईश्वर, बलजीत सिह जाट समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।