शुक्रवार को किसान भवन में एसडीएम मनदीप कौर व डीएसपी सतीश गौतम ने व्यापारिक संगठनों व गणमान्य लोगों की बैठक ली। यह बैठक 29 जनवरी को जाट समुदाय द्वारा आरक्षण की मांग के दृष्टिगत ली गई। पहले हुए जाट आंदोलन के दौरान क्षेत्र का पूंडरी मुख्य केंद्र रहा। जिसमें पूंडरी शहर के अंदर काफी तोड़फोड़, हिंसा व आगजनी हुई थी। जिसमें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था, जिसे देखते हुए अब जाटों के फिर से आंदोलन करने की चेतावनी को लेकर प्रशासन पूरी मुस्तैदी बरते हुए है। ताकि फिर से उसी प्रकार के हालात न बने। प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम व डीएसपी ने क्षेत्र की गणमान्य लोगों व्यापारियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं व आसपास के ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें भरोसा दिलाने का प्रयास किया कि प्रशासन पूरी तरह मुश्तैद है। एसडीएम मनदीप कौर ने शांति व भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए लोगों से सुझाव भी मांगे और आश्वासन दिया किसी भी प्रकार की हिंसक घटना नहीं होने दी जाएगी। इस मौके पर व्यापार मंडल प्रधान रामरूप प्रजापति, विकास समिति अध्यक्ष योगेश उप्पल, पालाराम सैनी, हंसराज भारद्वाज, इंद्र पाई, विशु वालिया, रमेश बिहान, जीवन भट्टï, प्रेमचंद गुप्ता, मोहन राणा फतेहपुर सहित बीडीपीओ नरेंद्र सिंह, तहसीलदार सुदेश मैहरा, नायब तहसीलदार प्रकाश चंद, मार्कीट कमेटी सचिव सतबीर राविश, थाना प्रभारी सतीश कुमार व चौंकी प्रभारी वीरभान सहित अन्य मौजूद रहे।
व्यापार मंडल विकास समिति के अध्यक्ष योगेश उप्पल ने एसडीएम से मांग करते हुए पूंडरी के अंदर अगिनशमन का कार्यालय खोला जाए। पहले भी आगजनी से ज्यादा नुकसान हुआ था। मुख्यमंत्री की घोषणा के लगभग 2 वर्ष बीत जाने के बाद अभी तक कार्यालय नहीं खुला है। जिस पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि वे इस बारे में बात कर इस समस्या को दूर करवाएंगे।
राजौंद में भी प्रशासन नजर आया सक्रिय
राजौंद। जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है और आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग करवाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा भी कमर कस ली गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक सुमेर प्रताप सिंह ने राजौंद खंड के गांव किच्छाना व जाखौली, देबवन का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले 25 जनवरी को एसडीएम मनदीप कौर ने भी राजौंद खंड मुख्यालय पर सरपंचों की बैठक ली और एहतियातन कदम उठाने के लिए निर्देश भी दिए थे।