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लाइसेंस रिन्यू ना होने पर आढ़तियों का गुस्सा फूटा

Fri, 05 May 2017 12:40 AM IST
kaithal beauro
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आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू ना होने पर वीरवार को नई अनाज मंडी में आढ़तियों का गुस्सा फूट पड़ा। आढ़तियों ने एकत्रित होकर मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया । और तीन घंटे तक अधिकारियों व कर्मचारियों को बंधक बनाकर रखा। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना दिया और कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे मंडी में हड़ताल रखेंगे। कोई लेन-देन नहीं होगा। यदि जरूरत पड़ी तो मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला भी लगा देंगे।
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वीरवार सुबह नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश चौधरी की अध्यक्षता में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में बैठक हुई। जिसमें आढ़तियों ने लाइसेंस रिन्यू ना होने पर रोष प्रकट किया। एकत्रित हुए आढ़ती मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। जहां अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सचिव के कार्यालय में घुसकर आढ़तियों ने अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई और सवाल उठाए कि जब पहले लाइसेंस बना दिए गए थे इस बार क्यों नहीं रिन्यू किए जा रहे।
मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय की लाइटें बंद कर दी गईं। आढ़तियों ने कार्यालय के अंदर करीब आधे घंटे तक खूब हंगामा किया। इसके बाद आढ़ती एकत्रित होकर प्रवेश द्वार पर बैठ गए। जहां अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी बीच मंडी में ऐलान करवा दिया गया कि सभी आढ़ती अपनी दुकानें बंद कर हड़ताल में शामिल होते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद मंडी में धड़ाधड़ दुकानें बंद कर दी गईं।
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मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर एसोसिएशन के प्रधान सुरेश गर्ग चौधरी, पूर्व प्रधान अश्विनी शोरेवाला, पूर्व प्रधान सुरेश मित्तल सहित अन्य ने कहा कि इस बार बेवजह मार्केट कमेटी सचिव आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू नहीं कर रहे हैं। जो लाइसेंस पिछले साल बना दिए गए थे, वे अब अवैध कैसे हो गए। जिन आढ़तियों के कागजात पूरे हैं, उनके भी लाइसेंस नहीं बनाए जा रहे। इसके अलावा 600 रुपये की पेनल्टी लगा दी गई। जबकि समय से पूर्व उनके आवेदन आ गए थे और लाइसेंस बन भी गए थे। अवैध वसूली के उद्देश्य से आढ़तियों को परेशान किया जा रहा है। बूथ व मंडी से बाहर की दुकानों पर लाइसेंस रिन्यू नहीं किए जाने की बात हो रही है। जबकि मार्केटिंग बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसानों की फसल के लिए मंडी के निकट प्राइवेट जमीन पर भी लाइसेंस जारी हो सकते हैं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, उनकी हड़ताल जारी रहेगी। पूर्व प्रधान सुरेश मित्तल ने कहा कि जिनके कागजात पूरे हैं, उन्हें भी परेशान किया जा रहा है।

मंडी में हड़ताल का ऐलान
आढ़तियों ने अनाज मंडी में हड़ताल का ऐलान कर दिया है। जब तक लाइसेंस रिन्यू नहीं हो जाते, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।

मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी से सीधी बात
मैडम, इस बार आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू क्यों नहीं हो पा रहे?
उत्तर:-मार्केट कमेटी एक्ट के अनुसार दुकान के अलावा बूथों पर और मंडी एरिया से बाहर की दुकानों पर लाइसेंस नहीं दिए जा सके। पूर्व में जो लाइसेंस दिए गए। वे अवैध हैं। जो लाइसेंस अवैध हैं, उनके बारे में करनाल जैड की अध्यक्षता में आई टीम पूरी जानकारी ले जा चुकी है। इन पर फैसला सीए मार्केटिंग बोर्ड लेेंगे। वे कुछ नहीं कर सकतीं।
प्रश्र:-ऐसे कितने लाइसेंस हैं। जो गलत बने हुए हैं?
उत्तर:-नई अनाज मंडी में 137 दुकानें हैं। एक दुकान पर नियमानुसार 2 लाइसेंस बन सकते हैं। लेकिन यहां एक दुकान पर 7 से 8 लाइसेंस भी बने हुए हैं। जबकि 84 ऐसे लाइसेंस हैं, जो मंडी से बाहर की दुकानें पर बने हुए हैं। वहीं 30 बूथ ऐसे हैं, जिन पर 38 लाइसेंस हैं। ये 84 व 38 लाइसेंस अवैध हैं। वहीं दुकानों पर 2 से ज्यादा लाइसेंस भी अवैध हैं।
प्रश्र:-जब से लाइसेंस गलत हैं तो पहले इन्हें बनाया ही क्यों गया और उन अधिकारियों की कोई जिम्मेवारी है या नहीं, जिन्होंने ये लाइसेंस दिए? क्या वे अपनी जगह सही थे या गलत?
उत्तर:-नियमानुसार ये लाइसेंस नहीं हैं। बूथों पर महज 2012 में एक पॉलिसी आई थी, उस अवधि का कोई लाइसेंस बूथों का नहीं हैं। ये बनाएं क्यों गए? यह मुझे नहीं पता, लेकिन आला अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दे दी गई है।
प्रश्र:-अब इन लाइसेंस पर विभाग का क्या फैसला होगा?
उत्तर:-लाइसेंस पर फैसला सीए सर लेंगे। 30 मई तक ही लाइसेंस बन सकते हैं। इसके बाद लाइसेंस नहीं बन पाएींगे। जुर्माना उन्हीं लाइसेंस धारकों पर लगाया गया है, जिन्होंने 30 अप्रैल तक लाइसेंस नहीं बनवाए हैं।
प्रश्र:-जिन आढ़तियों की अपनी दुकान है, कागजात पूरे हैं, उनके भी लाइसेंस नहीं बन रहे?
उत्तर:-ऐसे एक दो केस हैं। उनका पता करवाया जा रहा है कि क्यों नहीं बन पाए। नियमों पर खरा उतरने वाले आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू कर दिए गए हैं।
प्रश्र:-पैसे लेने के कारण इस तरह से परेशान किए जाने का आरोप लगाया है?
उत्तर:-ऐसी कोई बात नहीं हैं। बल्कि आढ़ती खुद आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने पहले 2-2 लाख रुपये देकर ये लाइसेंस बनवाए थे। वे बताएं किस अधिकारी को ये पैसे दिए थे। इस बारे में आला अधिकारियों को सूचित कर दिया जाएगा।
जैडए करनाल सतीश कुमार ने कहा कि जो लाइसेंस नियमों पर खरा उतर रहे हैं। उन्हें बनाने में कोई दिक्कत नहीं हैं। किरायेदार के लिए किरायेनामा लिखकर दें तो रिन्यू हो जाएगा। लेकिन एक दुकान पर महज 2 लाइसेंस बन सकते हैं। जिस दुकान पर 2 से ज्यादा हैं, वे गलत हैं। ऐसे यहां काफी लाइसेंस हैं। जो एक दुकान पर दो से ज्यादा हैं। यह जांच की जा रही है कि कितने लाइसेंस सही हैँ और कितने गलत हैं। जो कागजात पूरे लेकर आ रहे हैं, उनके लाइसेंस रिन्यू किए जा रहे हैं। जिन अधिकारियों ने गलत लाइसेंस बनाए हैं और जिन लोगों ने बनवाए हैं। सभी के खिलाफ कार्रवाई बनती है।
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