कैथल। जूनियर जिला स्तरीय नेटबॉल चैंपियनशिप में बालक-बालिका दोनों वर्गों में कैथल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप अपने नाम की। इंदिरा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान में दो दिवसीय नेटबॉल चैंपियनशिप के रोमांचक मुकाबलों का रविवार को समापन हो गया। नेटबॉल एसोसिएशन ऑफ डिस्ट्रिक्ट कैथल की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में ट्रेडिशनल, फास्ट-5 और मिक्स्ड वर्ग के मुकाबले करवाए गए।
जिले की 10 टीमों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इनमें पांच बालक और पांच बालिका वर्ग की टीमें शामिल रहीं। फाइनल मुकाबलों में कैथल और कलायत की टीमें आमने-सामने रहीं। मैदान में खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए संघर्ष देखने को मिला। बालक वर्ग के ट्रेडिशनल, फास्ट-5 और मिक्स्ड वर्ग के फाइनल में कैथल ने बेहतर तालमेल, तेज अटैक और सटीक निशाने के दम पर कलायत को हराकर खिताब हासिल किया। कलायत को उपविजेता से संतोष करना पड़ा।
तीसरे स्थान के मुकाबलों में ट्रेडिशनल वर्ग में राजौंद ने सीवन को हराकर कांस्य पदक जीता। वहीं फास्ट-5 में सीवन ने राजौंद को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।
बालिका वर्ग में भी कैथल की बेटियों का जलवा
बालिका वर्ग में भी कैथल की टीम ने अपना दबदबा कायम रखा। ट्रेडिशनल और फास्ट-5 दोनों वर्गों के फाइनल में कैथल और कलायत के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। कैथल की खिलाड़ियों ने मजबूत डिफेंस और तेज अटैक का प्रदर्शन करते हुए दोनों वर्गों में कलायत को पराजित कर स्वर्ण पदक जीते। कलायत की टीम दोनों मुकाबलों में उपविजेता रही। तीसरे स्थान के मुकाबले में राजौंद ने ढांड को हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
विजेता खिलाड़ियों को मेडल व ट्रॉफी देकर किया सम्मानित
समापन समारोह में समाजसेवी संदीप, राजेश और जिला एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सूरज सहरान मुख्य अतिथि रहे। पीजीटी शारीरिक शिक्षा अनूप धीमान और एचओडी राजेश गिल विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सहरान ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि जिले में नेटबॉल की प्रतिभाओं की कमी नहीं है। खिलाड़ियों को लगातार प्रतियोगिताओं का मंच देकर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले कोच, टीम मैनेजर, रेफरी, ग्राउंड स्टाफ और खेल प्रेमियों का आभार जताया।
नेटबॉल के विजेता खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित करते मुख्यातिथि। कोच