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कॉलेज स्टूडेंटस के लिए पास होना भी बना सपना

Wed, 29 Jul 2015 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
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इस बार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम में जहां आईजी एवं आरकेएसडी कॉलेज के विद्यार्थी मेरिट सूची में स्थान बना रहे हैं, वहीं डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय कॉलेज में बच्चों के लिए पास होना भी सपना बन गया है।
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कॉलेज में विभिन्न कोर्सों में पास होने वाले बच्चों की संख्या दहाई का अंक भी नहीं छू पाई है। एमएससी गणित में तो एक भी बच्चा पास नहीं है।

इसके लिए कारण चाहे जो भी हों, लेकिन सरकारी प्रोफेशनल कॉलेज के परीक्षा परिणाम को देखते हुए सरकार द्वारा यहां खर्च की जा रही करोड़ों रुपये की राशि पर सवालिया निशान जरूर खड़ा हो रहा है। यहां आवश्यक स्टॉफ की कमी बताई गई है।

ये रही अब तक आए परीक्षा परिणाम की
1. बीकॉम प्रथम सेमेस्टर- 120 विद्यार्थियों में से 7 विद्यार्थी पास
2. बीसीए प्रथम सेमेस्टर-20 विद्यार्थियों में केवल 1 विद्यार्थी पास
3. बीएससी आईटी- 40 विद्यार्थियों में 3 विद्यार्थी पास
4. बीएससी-116 विद्यार्थियों में से 25 विद्यार्थी पास
5. एमएससी गणित के प्रथम सेमेस्टर में 30 में सभी विद्यार्थी फेल
6. बीएससी कंप्यूटर के 40 विद्यार्थियों में 3 विद्यार्थी पास
कॉलेज में कई विषयों में प्राध्यापकों को टोटा- सरकारी कॉलेज में करीब 1300 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए केवल 28 प्राध्यापक नियमित हैं। जबकि यहां 40 से ज्यादा प्राध्यापकों की आवश्यकता है। कॉमर्श में-6, एमएससी में-2, टूरिज्म में-2, इलेक्ट्रॉनिक्स में-2, गणित में-5, फिजिक्स में -2, कैमिस्ट्री में-2 प्राध्यापकों की आवश्यकता है। लेकिन फिजिक्स, केमिस्ट्री व इलेक्ट्रॉनिक्स व गणित पढ़ाने के लिए एक भी प्राध्यापक नहीं है। जिसके कारण एमएससी गणित, बीएसी नॉन मेडिकल सहित अन्य विषयों का परीक्षा परिणाम बहुत खराब रहा है।
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कॉलेज प्रशासन जहां खराब परीक्षा परिणाम के लिए विश्वविद्यालय की खामी बता रहे है। वहीं शहर में स्थित पड़ोस के कॉलेज आरकेएसडी एमएससी गणित के तीसरे सेमेस्टर में 30 विद्यार्थियों में से 20 ने 70 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। इसी प्रकार आईजी कॉलेज का परीक्षा परिणाम भी ठीक रहा है।

दो सालों से नहीं है फिजिकल एजूकेशन का अध्यापक
कॉलेज में पिछले दो वर्षों से फिजिकल एजूकेशन का कोई प्राध्यापक नहीं है। जिसके कारण विद्यार्थियों को खेलों में भाग लेने से भी वंचित है। कॉलेज के विद्यार्थी सुनील, गौरव, अतुल ने बताया कि कॉलेज में फिजिकल एजूकेशन विभाग बंद रहता है। जिसके कारण वह किसी खेलकूद प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके हैं।
विद्यार्थियों में रोष
विद्यार्थियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि शहर में दो अन्य कॉलेज आरकेएसडी व इंदिरा गांधी कॉलेज हैं। जिनका परीक्षा परिणाम शानदार आ रहा है। सरकारी कॉलेज में करोड़ों रुपये सरकार खर्च कर रही है। इसके बावजूद परीक्षा परिणाम शून्य से दो प्रतिशत आ रहा है। विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज में फीस तो कम जरुर है, लेकिन पढ़ाई नहीं है।

लैब तो हैं लेकिन नहीं हो पाते प्रेक्टिकल
बच्चों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कॉलेज में अत्याधुनिक लैब हैं, लेकिन उनमें नियमित तौर पर कक्षाएं नहीं लगतीं। जिस कारण बच्चों को आवश्यक जानकारी नहीं हो पा रही। फिजिक्स एवं केमिस्ट्री की लैब तो हैं, लेकिन इनमें बच्चों को जानकारी देने वालों की कमी है। इनमें लाखों रुपये के उपकरण बिना उपयोग के खराब हो रहे हैं।

परिणाम जारी करने के सिस्टम में ही गड़बड़ी
एसएफआई के राज्य सह-सचिव गौरव का कहना है कि विश्वविद्यालय से संबंधित सभी कॉलेजों का यही हाल है। यहां मार्किंग सिस्टम में ही गड़बड़ी है। कई बार अधिकारियों को इस बारे में बताया जा चुका है। इस बारे में शीघ्र ही कॉलेज का दौरा करके आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा। बच्चों का भारी नुकसान हो रहा है।

परीक्षा परिणाम कई बार विश्वविद्यालय के मार्किंग के खामियों के कारण भी खराब आ सकते हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेज में वर्कलोड मांगा है। जल्द की सेवानिवृत्त प्राध्यापक कॉलेज में आ जाएंगे। कॉलेज में फिजिकल एजूकेशन प्राध्यापक के लिए लिख दिया गया है। खराब परीक्षा परिणाम के कारणों का पता लगाया जाएगा।
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डा. ऋषिपाल बेदी, प्रिंसिपल, डॉ. भीमराव कॉलेज।
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