बिजली निगम के कर्मचारियों ने मंगलवार को गेट मीटिंग कर डीएसपी तरुण सैनी व पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। मीटिंग की अध्यक्षता जयपाल शर्मा यूनिट उपप्रधान ने की व संचालन विक्रम सिंह राणा ने किया। संबोधित करते हुए राणा ने कहा पुलिस प्रशासन ने दिनांक 24 दिसंबर को निगम के जेई सुरेश कुमार को बिना कोई कारण बताए व सुनवाई किए बगैर हिरासत में ले लिया।
कर्मचारियों का कहना है कि इस जेई का कोई कसूर नहीं उसे जानबूझ बलि का बकरा बनाया जा रहा है। राणा ने कहा कि जिस ट्रांसफार्मर को आधार बनाकर उक्त जेई की गिरफ्तारी की गई है कि उसमें उसका कोई दोष नहीं है। कहा जब ट्रांसफार्मर की कैपसिटी और संख्या पूरी है, लेकिन केवल नंबर की अदला-बदली के कारण किसी को दोषी ठहराने की निगम कर्मचारी निंदा करते है और सरकार से मांग करते है कि उक्त जेई पर जो आरोप लगाए गए है उन्हें वापिस लिए जाए और उसे बरी किया जाए।
निगम कर्मचारियों धर्मपाल, कुलदीप सिंह, विक्रम राणा, हंसराज, बलबीर व राजकुमार का कहना है कि डीएसपी तरुण सैनी ने जो पुलिस कार्रवाई की है वो बिना किसी जांच के की गई है और ये कार्रवाई पूरी तरह तानाशाही पूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं तो सभी कर्मचारी पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन तेज कर देंगे। कर्मचारियों ने इस के लिए सरकार से मांग करते हुए कहा कि डीएसपी को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। इस मौके पर विजय कुमार, लाभ सिंह, सुलतान सिंह, जितेंद्र, संजीव कुमार, दर्शन, राकेश कुमार व रमेश कुमार सहित सभी कर्मचारी मौजूद थे।