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आंगनबाड़ी वर्करों ने लघु सचिवालय का किया घेराव

Sat, 06 May 2017 12:17 AM IST
kaithal beauro
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c - फोटो : kaithal beuaro
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 पिछले आठ महीने से वेतन व आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया न मिलने के विरोध में आंगनबाड़ी वर्कर सड़क पर उतरी। वर्कर शुक्रवार को जवाहर पार्क में एकत्रित हुई जिसके बाद वे नारेबाजी करती हुई लघु सचिवालय में पहुंची। इस दौरान सैकड़ों वर्करों ने सीडीपीओं को वर्करों द्वारा किए कार्यों में धांधली का आरोप लगाया। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन की राज्य महासचिव शकुंतला शर्मा ने की। राज्य महासचिव ने वर्करों को अपने संबोधन में कहा कि सरकार आंगनबाड़ी वर्करों की पिछले कई महीनों से अनदेखी कर रही है। छह घंटे की बजाय दस से बारह घंटे तक कार्य करवाया जाता है। इसके बावजूद उनका मेहनताना नहीं दिया जाता। आंगनबाड़ी केंद्रों का ग्रामीण क्षेत्रों का 750 व शहरी क्षेत्रों का 3000 हजार रुपये किराया लागू किया जाए। इसके साथ ही आईसीडीएस के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। वर्करों को सरकारी कर्मचरियों का दर्जा दिया जाए। इस मौके पर उपप्रधान अंजू मटौर, जिला सचिव नीतू, राजबाला, भावना, सुदेश, कांता, महेंद्रो व सर्व कर्मचारी संघ के सचिव जरनैल सिह, महेंद्र, कृष्ण गुलियाणा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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तहसीलदार को नहीं दिया ज्ञापन, सौंपा एडीसी को
जब आंगनबाड़ी वर्कर लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर रही थी तो 1.15 बजे तहसीलदार वर्करों से ज्ञापन देने पहुंचे। लेकिन यूनियन की नेताओं ने यह कहकर ज्ञापन देने से मना कर दिया कि वह तो अपना ज्ञापन केवल डीसी को ही देंगी। जिसकी मांग पर वह अड़ी रही। लेकिन डीसी के कार्यालय में न होने पर उन्होंने करीब 2.30 बजे एडीसी को ज्ञापन दिया।
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