रिजर्व बैंक द्वारा कार्रवाई के स्पष्ट आदेशों के बावजूद बाजार में 10 रुपये का सिक्का नहीं चल रहा है। दुकानदार 10-20 रुपये के छोटे-मोटे सामान के लिए भी 500 या 2000 का बड़ा नोट तोड़ना तो मंजूर कर रहे हैं पर 10 का सिक्का किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर रहे। दुकानदारों का कहना कि जब खुद बैंक ही 10 का सिक्का नहीं ले रहे तो फिर और कौन लेगा। दुकानदारों का ये भी कहना है कि आरबीआई और सरकार पहले बैंकों को 10 का सिक्का लेने पर राजी करे, बाजार में तो इसका चलन अपने आप खुल जाएगा। चीका निवासी विक्रम ने बताया कि वह अपनी कार की किस्त भरने एक स्थानीय बैंक गया था। जमा करवाई जाने वाली राशि में 10 के सिक्कों की 1 हजार रुपये की थैली भी थी। विक्रम ने बताया कि कैशियर ने दस के सिक्के देखते ही वापिस फेंककर मारे। कारण पूछे जाने पर कैशियर ने कहा कि बैंक के पास सिक्के गिनने की मशीन नहीं है इसलिए सिक्के नहीं लिए जाएंगे। विक्रम द्वारा यह कहने पर लिखकर दो कि 10 के सिक्के नहीं लोगे फिर जाऊंगा। विक्रम ने बताया कि काफी तकरार के बाद कैशियर बामुश्किल सिक्के लेने पर राजी हुआ। इस तरह की कहानियां बैंकों से डीलिंग करने वाले चीका के तमाम दुकानदारों की हैं। हरीश इंसां ने बताया कि सिक्के देखते ही बैंक वाले बदतमीजी पर उतर आते हैं। कौन लड़े इनसे। जरा सी बात करो तो कल को सरकारी काम में बाधा का केस बनवा देंगे। किराने की दुकान चलाने वाले राजेश ने कहा कि उसके घर में 10-10 के सिक्कों के तीन पीपे भर गए हैं। दुकान में पैसों की तंगी है पर घर में पैसे पड़े होने के कारण किसी काम नहीं आ रहे हैं।
इस तरह रूका है सर्कल
बेकरी वाले, किराने वाले, पनवाड़ी व चायवाले सहित तमाम छोटे दुकानदार सामान लेने आने वाले ग्राहक से 10 का सिक्का इसलिए नहीं स्वीकार नहीं करते क्योंकि जिन होलसेलरों से उन्होंने सामान लेना होता है वे सिक्कों की बजाय नोटों की मांग करते हैं। होलसेलरों का कहना है कि उन्हें सामान सप्लाई करने वाले डिस्ट्रीब्यूटर केवल नोट लेकर माल देते हैं इसलिए वे सिक्के लेकर भी क्या करेंगे।
पहले असली नकली का मचा था शोर
10 के सिक्के को लेकर सारी दुविधा तीन चार महीने पहले आए एक व्हाट्स एप मैसेज ने शुरू की थी जिसमें दो सिक्कों की अगल बगल फोटो छापकर दावा किया गया था कि फलां सिक्का नकली है और फलां असली। हालांकि इसके बाद आरबीआई ने एक सीधा और स्पष्ट बयान जारी किया था कि बाजार में प्रचलित कोई भी सिक्का नकली नहंी है।
एक चिट्ठी बैंकों को भी लिख दो डीसी साहब
10 के सिक्के को स्वीकार ना करने की खबरों के बीच आए रिजर्व बैंक के आदेशों के साथ साथ डीसी कैथल ने भी पिछले महीने एक चेतावनी जारी की थी जिसमें कहा गया था कि 10 का सिक्का स्वीकार ना करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों का कहना है कि हमें कोई परहेज नहीं है पर डीसी साहब पहले एक चिट्ठी बैंकों को लिखकर उन्हें भी सिक्के लेने पर राजी कर लें।