कैथल। वर्ष 2019 में गुहला आरक्षित विधानसभा सीट पर अचानक ही अजीब समीकरण बन गए थे। उस दौरान दिलचस्प बात तो यह रही थी कि इस सीट पर पार्टी के प्रत्याशियों पर एक निर्दलीय उम्मीदवार भारी पड़ रहे थे परंतु समीकरण ऐसे बने कि कांग्रेस और निर्दलीय की लड़ाई में इस सीट पर जजपा ने अपने पहले ही चुनाव में बाजी मार ली।
दरअसल, उस दौरान बिना हल्ला ही केवल पार्टी के वोट बैंक के आधार पर जजपा प्रत्याशी को जीत मिल गई थी। केवल पंजाब से सटे हुए गांवों के मतों ने जीत दिला था। दूसरी दिलचस्प बात यह थी कि इस सीट पर पहले दूसरे और तीसरे प्रत्याशी के बीच वोटों का अंतर भी महज दो से चार हजार के बीच ही रहा था। इस चुनाव में पहले नंबर पर रहे जजपा के ईश्वर सिंह को 36 हजार 518 मत, दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के प्रत्याशी दिल्लू राम 31 हजार 944 और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी देवेंद्र हंस को 29 हजार 473 मत मिले थे।
गौरतलब है कि 1977 में देवी लाल की जनता पार्टी से पहली बार ईश्वर सिंह विधानसभा पहुंचे थे। 42 साल बाद वह फिर से पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल के पोते की पार्टी जननायक जनता पार्टी (जजपा) के टिकट पर ही दोबारा विधायक बनने का सौभाग्य प्राप्त कर सके। संवाद
चुनाव परिणाम
पार्टी
उम्मीदवार
वोट
जेजेपी ईश्वर सिंह
36,518
कांग्रेस
चौधरी दिलू राम
31,944
निर्दलीय
देवेंद्र हंस
29,473