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प्रशासन ने जारी किए व्हाट्सएप और कंट्रोल रूम के नंबर, लोगों से की शांति की अपील

Tue, 31 Jan 2017 11:41 PM IST
ब्यूरो कैथल
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देवबन में तीसरे दिन भी जारी रहा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव देवबन में कैंची चौक पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने को समिति पदाधिकारियों सहित जींद से आई ऊषा मोर ने संबोधित किया। वहीं जिला प्रशासन ने किसी भी तरह की सूचना देने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। साथ ही कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां आरक्षण आंदोलन को लेकर किसी भी प्रकार के गैर कानूनी कार्य की सूचना दी जा सकती है। बुधवार को धरनास्थल पर ही समिति द्वारा दीनबंधू छोटू राम की जयंती मनाई जाएगी।
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान प्रवीण किच्छाना, जोगीराम मलिक व मा. अजमेर सिंह हरसौला ने कहा कि उनका आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। प्रदर्शन के जो भी परिणाम होंगे उसकी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सरकार है, क्योंकि अगर सरकार समय रहते उनकी मांगें मान लेती तो जाट समुदाय को यहां धरने पर नहीं बैठना पड़ता। एक फरवरी को सर छोटूराम की जयंती धरने स्थल पर मनाई जाएगी जिसमें जिले भर से हजारों लोग भाग लेंगे। प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि छोटूराम जयंती ही नहीं बल्कि अब जाट समुदाय तीज त्योहार भी धरना स्थल पर ही मनाएगा। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता शीशराम बालू ने की जबकि संचालन सोनू सौंगल व जोगीराम मलिक ने किया। संघर्ष समिति के संयोजक बलवान कोटड़ा व भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि खट्टर सरकार प्रजातंत्र का गला घोट रही है। धरने की अनुमति न देना, धारा 144 लगाना व पैरामिल्ट्री फोर्स तैनात करके उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। संघर्ष समिति के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजय जागलान व रतन सिंह चंदाना ने कहा कि अबकी बार कुरुक्षेत्र जाट धर्मशाला की बजाए सर छोटूराम जयंती देवबन कैंची पर ही मनाई जाएगी। जयंती समारोह कार्यक्रम में 36 बिरादरी से महिला पुरुष भारी तदाद में भाग लेंगे।

ऊषा मोर ने संबोधित किया
मंगलवार को जिला जींद से आई समुदाय की सदस्या ऊषा मोर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में जारी धरनों को समुदाय का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रदेश सरकार अब जल्दी ही समुदाय के आगे झुकती नजर आएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को बाहर का बताने वाले खुद अपने गिरेबान में झांक कर देख लें कि उनकी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष क्या अलग-अलग राज्यों से है। उनके प्रधान भी तो दूसरे राज्यों से संबंध रखते हैं और फिर वे दूसरे राज्यों में क्यों अपना हक जमाते हैं।
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दूसरी ओर धरना स्थल पर गायक जहां रागनियों को गाकर लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं, वही साज के लिए देसी जुगाड़ का प्रयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन के आदेशों से यहां खुला शराब का ठेका बंद कर दिया गया है।

धरनास्थल की किलेबंदी
धरने में लोगों के लिए चाय-पानी, खाना, मनोरंजन के लिए रागनियां व खेलने के लिए ताश सहित हुक्के तक का इंतजाम कर दिया गया है। साथ ही युवाओं ने धरना स्थल की किले बंदी करनी शुरू कर दी है। पास ही स्टेट हाइवे होने की वजह से धरना स्थल के चारों ओर से लकड़ी की बल्लियां गाड़कर रस्सी कसी जा रही है ताकि कोई बुजुर्ग या फिर बच्चा रोड पर दुर्घटना का शिकार न हो।

शहर की संस्थाओं का आह्वान
डीसी संजय जून ने शहर की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे जिला में जाट आरक्षण धरना प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने में जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें। शहर में भाईचारा व शांति बनाए रखें।

व्हाट्सएप नंबर जारी किया, कंट्रोल रूम भी बनाया
प्रशासन ने कंट्रोम रूम बनाकर व्हाट्सएप नंबर एवं कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया है। लोग जाट आरक्षण आंदोलन के संबंध में किसी भी तरह की जानकारी कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 01746-222283 तथा व्हाट्सएप नंबर 99922-23265 पर दें, ताकि समय रहते ऐसे किसी भी अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

किसी को रास्ता जाम करने की नहीं दी जाएगी अनुमति
डीसी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन द्वारा किसी भी व्यक्ति को रास्ता जाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। साथ ही ऐसी कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार की सूचना को तुरंत प्रशासन के नोटिस में लाएं तथा सक्रिय रहते हुए प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें।
 
पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। उन्होंने संस्थाओं के प्रतिनिधियों से जिला प्रशासन के अधिकारियों पर विश्वास रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा 24 घंटे पुलिस बल तैनात किया गया है तथा लोगों की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

सोशल मीडिया पर है विशेष नजर
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सोशल मीडिया पर कड़ी नजर है। किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना अपराध है तथा ऐसी सूचनाओं को प्रेषित करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।

धरनास्थल पर ना होने पर तहसीलदार से मांगा स्पष्टीकरण
जाट आरक्षण आंदोलन में धरने के पहले दिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात किए गए कैथल के तहसीलदार विकास सिंह को डीसी ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। डीसी ने नोटिस में कहा है कि तहसीलदार कैथल विकास सिंह को कानून व शांति व्यवस्था के लिए थाना तितरम के ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। लेकिन 2 बजकर 10 मिनट पर उन्हें पता चला कि तहसीलदार मौके पर नहीं थे। जबकि धरनास्थल देवबंद पर तहसीलदार द्वारा वीडियोग्राफी कराने के आदेश दिए गए थे। डीसी संजय जून ने नोटिस की पुष्टि करते हुए कहा कि जब पता किया गया तो तहसीलदार मौके पर नहीं थे। जिस कारण उन्हें नोटिस जारी कर ड्यूटी में लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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