संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रोहतक में वीरवार को चार दिवसीय राष्ट्रीय सब जूनियर और जूनियर मुक्केबाजी ट्राॅयल का समापन हुआ। इसमें कुलतारण की जन्नत का चयन जॉर्डन में होने वाली एशियन जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ है। जन्नत के अलावा जिले से चिरागदीप, रणदीप और वंशिका ने भी इस ट्रायल में भाग लिया था।
गौरतलब है कि रोहत में हुए ट्रायल के दौरान देश भर के विभिन्न राज्यों के अंडर-15 और अंडर-17 आयु वर्ग के प्रतिभाशाली मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया और अपने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन किया। जिले से यहां पर प्रदर्शन के लिए पहुंचे चार मुक्केबाजों में केवल जन्नत को सफलता मिली। अन्य खिलाड़ियों चिरागदीप, रणदीप और वंशिका को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
कोच अमरजीत सिंह ने बताया कि कुलतारण गांव की 12वीं कक्षा की छात्रा जन्नत ने 52-54 किलो भार वर्ग में दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में दिल्ली की वंशिका को 5-0 से हराया, सेमीफाइनल में उत्तराखंड की भूमिका को मात दी और फाइनल में एसएससीबी की खिलाड़ी चंद्रिका को 4-0 से पराजित किया।
इस जीत के साथ उन्होंने न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि आगामी 17 अप्रैल से 3 मई तक जॉर्डन में आयोजित होने वाली एशियन जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया। विजेता खिलाड़ी जन्नत की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे कुलतारण गांव और कैथल जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कोच अमरजीत सिंह ने कहा कि कुलतारण गांव की बेटियां खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं।
इससे पहले इसी गांव की अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज खिलाड़ी पायल भी पिछले वर्ष दुबई के आबूधाबी में आयोजित विश्व जूनियर मुक्केबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा चुकी है। अबकी सभी को जन्नत से उम्मीद है।
कोच ने बताया कि जन्नत भी कुलतारण गांव की बेटी है ओर पिछले तीन वर्षों से उनके पास चौधरी छोटूराम स्टेडियम स्थित मुक्केबाजी सेंटर में प्रतिदिन कई घंटे अभ्यास कर रही हैं। उनके पिता राजीव मोस्टरा हैं जबकि उनकी माता इंद्रो देवी गृहिणी हैं। उनके भाई-बहन रिया और जतिन भी उनकी इस उपलब्धि से गर्व महसूस कर रहे हैं। जन्नत ने इससे पहले भी कई प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता में स्वर्ण, राज्यस्तरीय जूनियर प्रतियोगिता
में रजत और खेल महाकुंभ में रजत पदक शामिल हैं।
अब जन्नत इंडियन कैंप में अभ्यास करेंगी और वहां से सीधे जॉर्डन रवाना होंगी। वहीं, खिलाड़ी जन्नत ने कहा कि इस जीत ओर चयन की उसे बहुत खुशी है इसमें माता पिता व कोच अमरजीत सिंह का पूरा सहयोग है। ओर आगामी चैंपियनशिप के लिए और ज्यादा मेहनत करगी।
कोच राजिंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, विक्रम ढुल, राजेश कुमार और प्रशांत राय ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे एशियन चैंपियनशिप में भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर आएंगी। जिला खेल अधिकारी राजरानी और स्थानीय खेल प्रेमियों ने भी जन्नत की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।