कलायत। जन नायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय संस्थापक अजय चौटाला और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश के बीच सियासी संग्राम शुरू हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पर चौटाला की टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। इस तंज पर अब जेपी ने चौटाला परिवार पर हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी चौटाला परिवार की जी हजूरी स्वीकार नहीं की। सच्चाई यह है कि अजय वर्ष 1989 से पहले खुद उनके नारे लगाता रहा है। इतना नहीं राजनीतिक मजबूरियों का हवाला देकर अजय चौटाला अपने बेटे दुष्यंत चौटाला को हिसार से सांसद बनाने के लिए उनके समक्ष गिड़गिड़ाए थे। जिन लोगों के सामने यह सब हुआ वे आज भी इसकी गवाही के लिए तैयार हैं। जेपी मंगलवार को कलायत स्थित लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अजय चौटाला को सिरसा में खुले मंच पर उनके साथ परिवार व राजनीति से जुड़ी सच्चाई पर बहस के लिए चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1989 में स्वर्गीय प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने इलाहाबाद में उनकी हरियाणा प्रदेश के हिसार लोकसभा से टिकट की घोषणा की थी। उस दौरान शीर्ष नेतृत्व की बदौलत ही वे केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए। इसके विपरीत उन्हें उंगली पकड़ाकर सांसद पहुंचाने का प्रचार करने वाले तो केवल अपने परिवार के सदस्यों को संसद और मंत्री मंडल में शामिल करने के मंसूबे पाले थे। चौटाला परिवार ने हर संभव उन्हें रोकने का प्रयास किया। कलायत विधानसभा के गांव दुब्बल के निवासी जेपी और चौटाला परिवार की बीच लंबे समय से राजनीतिक रूप से 36 का आंकड़ा रहा है।
वर्ष 2024 के चुनाव से पहले फिर से जयप्रकाश और चौटाला परिवार में राजनीतिक वजूद को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे से संबंध रखने वाले जयप्रकाश ने कहा कि अजय चौटाला को बात करने की आदत है इसलिए इनका डोप टेस्ट करवाया जाए। अजय खुद और उनके परिवार के कुछ लोग भ्रष्टाचार में लिप्त रहे और सजायाफ्ता हैं। उन्हें यह बात कहने में कोई संकोच नहीं कि उन्होंने ग्रीन ब्रिगेड का गठन किया था। उस काल खंड में पूरा विपक्ष जिसमें स्वर्गीय देवीलाल, डॉ. मंगल सैन और दूसरे विपक्षी दलों के नेता शामिल रहे, इन्होंने मंच पर एकजुट होकर मौजूदा सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।
कलायत विस में अपने वजूद को आजमा कर देख लें चौटाला-पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ने कहा कि उप मुख्यमंत्री होते हुए दुष्यंत चौटाला के पास हरियाणा प्रदेश में चुनाव में उतरने के
लिए कोई विधानसभा नहीं है। जेपी ने चुनौती दी कि दुष्यंत चौटाला कलायत विधानसभा के चुनावी रण में उतर कर देखें। उन्हें अपनी लोकप्रियता और रसूख का आभास हो जाएगा।