कैथल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा गोद लिए गांव क्योड़क के निवासी स्वतंत्रता सेनानी कली राम। जिन्होंने आजादी के लिए अंग्रेजों की तरह तरह की कठोर यातनाएं सही। जेल में भूखे प्यासे रहकर भी देश की आजादी के जज्बे को खत्म नहीं होने दिया। देश को आजाद करवा कर ही दम लिया। दो वर्ष तक हैदराबाद की जेल में बंद रहे। इसके बाद वह नेता जी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में भर्ती होकर देश सेवा में अपना योगदान दिया।
सेनानी कली राम की विधवा पत्नी सुरति देवी ने बातचीत में कहा कि वे 22 साल की उम्र में ही आजादी के सत्याग्रह में कूद पड़े। अंग्रेजों ने उन्हें बड़ी यातनायें दीं। सुरति देवी ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार के साथ बड़ी तंगी देखी है। बच्चों के लिए खाना तक नहीं होता था। लेकिन हमें इस बात का गर्व है कि वीर जवानों और स्वतंत्रता सेनानियों के अथक प्रयासों से देश को आजादी मिली और आज देश का हर निवासी खुली हवा में सांस ले रहा है।
पीएम ने दिया मान सम्मान
उन्होंने कहा कि जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को बड़ा आदर मान दिया है। जिला स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस सहित अन्य सेना दिवस के अवसर पर उन्हें मान सम्मान दिया जाता है। उन्होंने बताया की मोदी सरकार ने उन्हें ताम्र पत्र से सम्मानित भी किया। उन्होंने बताया कि उन्हें केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार द्वारा पेंशन भी दी जाती है। जिसे वह बहुत अच्छा जीवन व्यतीत कर रही हैं।
परिजन बोले- हमें उन पर गर्व है
स्वतंत्रता सेनानी कली राम के बेटे मास्टर करणवीर और उनकी पोतियों अनु और नेन्सी ने कहा कि इस बात का गर्व है कि हम देश को आजाद करवाने वाले स्वतंत्रता सेनानी की औलाद हैं। सेनानी कली राम के पुत्र मास्टर करणवीर ने कहा कि 1975 में उनके पिता की मृत्यु हो गई थी।