जाट संस्था में कॉलेजियम सदस्यों के चुनाव के बाद अब प्रधान एवं कार्यकारिणी के चयन को लेकर खींचतान चल रही है। चुने हुए 75 में से कई सदस्य शहर में दो बड़े राजनीतिक दलों की कोठियों के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ सदस्य तो ऐसे हैं, जो दोनों जगह हाजिरी लगा रहे हैं। पूर्व में इनेलो समर्थित गुट की बैठक के बाद शनिवार को पूर्व मंत्री रणदीप सुरजेवाला के आवास पर भी काफी संख्या में सदस्य पहुंचे। यहां पहुंचने वाले सदस्यों की जानकारी के लिए दिन भर इनेलो समर्थित गुट की नजरें लगी रहीं।
विदित रहे कि 22 नवंबर को हुए जाट संस्था के कॉलेजियम चुनाव के बाद इनेलो समर्थित गुट ने 48 सदस्यों के साथ स्पष्ट बहुमत का दावा किया था। इसके दो दिन बाद इसी गुट ने जींद रोड स्थित रेस्तरां में एक बैठक का आयोजन कर 55 सदस्यों के समर्थन का दावा किया था।
वहीं दर्शन सिंह मालखेड़ी गुट द्वारा भी दावा किया जा रहा है कि प्रधान एवं कार्यकारिणी उन्हीं के गुट से बनेगी।
शनिवार को पूर्वमंत्री रणदीप सुरजेवाला अपने आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं। इसी बीच जाट संस्था के नवनिर्वाचित कई सदस्य भी पहुंचे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को यहां पहुंचने वाले सदस्यों की संख्या करीब 40 पहुंच गई। जबकि प्रधान एवं कार्यकारिणी के चुनाव के लिए 38 सदस्यों की आवश्यकता है।
ऐसे में अब देखना यह है कि कौन सा गुट प्रधान एवं कार्यकारिणी का गठन करने में सफल हो पाता है। बताया यह भी जा रहा है कि यदि सहमति नहीं बनती है तो दोनों गुटों द्वारा पैनल बनाकर उम्मीदवारों का ऐलान किया जाएगा। इसके बाद इनके चयन के लिए 75 सदस्यों में वोटिंग हो सकती है। इसके बाद ही प्रधान एवं कार्यकारिणी का चयन हो पाएगा।
एडहॉक कमेटी के प्रधान दर्शन सिंह मालखेड़ी का कहना है कि संस्था हित में जो भी हो सकेगा, वह किया जाएगा। अभी सदस्यों की संख्या के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
वहीं पूर्व प्रधान बलवान सिंह कोटड़ा ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता रामपाल माजरा को प्रधान सहित कार्यकारिणी का चयन करने के लिए अधिकृत किया गया है। जैसे ही प्रशासन की ओर से बुलावा मिलेगा, उसी अनुसार रामपाल माजरा के निर्देशानुसार दावा पेश कर दिया जाएगा।