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12 तक मांगें नहीं मानीं तो हर जिले में शुरू होंगे चार-चार धरने

Sat, 04 Feb 2017 11:15 PM IST
ब्यूरो कैथल
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यशपाल मलिक ने किया ऐलान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार ने यदि मांगें नहीं मानीं तो 12 फरवरी से प्रदेश के हर जिले में चार-चार धरने शुरू कर दिए जाएंगे। इसके बाद भी यदि मांगें नहीं मानीं गई तो 19 फरवरी को प्रत्येक जिले में पिछले साल रोहतक में हुई पहली शहादत पर बलिदान दिवस मनाते हुए लाखों की संख्या में लोग धरनों में भाग लेेंगे। शनिवार को गांव देवबन के कैंची चौक पर चल रहे धरने को संबोधित करने पहुंचे यशपाल मलिक ने यह ऐलान किया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी।
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मलिक ने कहा कि यह लड़ाई अन्याय के खिलाफ है। सरकार व प्रशासन द्वारा धरने के लिए अनुमति तक नहीं दी जा रही। लेकिन ऐसी स्थिति आ जाएगी कि इस सरकार को चलने के लिए जनता से अनुमति लेनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि राजकुमार सैनी को फूट डालने के लिए छोड़ा गया है। राजकुमार सैनी हविपा में बंसी लाल के साथ रहे, कांग्रेस में रहे। उनमें उन्हें कोई खोट नजर नहीं आया। जब से उन्होंने भाजपा का नमक खाया है, तभी से विरोध करने लगे हैं। जबकि सैनी समाज भी जाट आरक्षण के धरनों को समर्थन दे रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी बिरादरी के भी गिनती के 50 लोग हैं। जो सरकारी हैं। इन लोगों को सरकार ही बांधती है और सरकार ही खोलती है। हवा सिंह को सांगवान कहने की बजाए हवा सिंह सरकारी कहना शुरू कर दो। उन्होंने कहा कि जनता पूरी तरह से एकजुट है। इसलिए लोग चिंता ना करें, अब चिंता तो सरकार को हो रही है।

मलिक ने कहा कि कुछ लोग सरकार को गुमराह कर रहे हैं कि मांगें पूरी नहीं हो सकती। कांग्रेस सरकार में 101 लोगों को देशद्रोह के मामले में रिहा कर मुकदमे वापस लिए गए थे। अब भी सीएम सभी वर्गों के लोगों पर दर्ज मुकदमों को वापस ले और जेलों में बंद युवाओं को रिहा कर दे। पक्की नौकरी दे दे। लोग खुद घर चले जाएंगे। सरकार के पास ऐसी ताकत है। यदि इसका इस्तेमाल नहीं किया तो जो ताकत जनता के पास है। उसके प्रयोग से आगे सरकार नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि कैथल का धरना पूरे प्रदेश में सबसे सफल धरना है। प्रदेश में दूसरे नंबर की जिम्मेवारी बलवान सिंह कोटड़ा को दी गई है। इस बार के शांतिप्रिय धरनों से साबित हो गया कि भाईचारा खराब करने के लिए पिछली बार षड्यंत्र रचा गया था। दूसरा इन धरनों का यह लाभ हुआ कि समाज एकजुट हो गया है।  
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सातवें दिन के धरने की अध्यक्षता गुलियाणा के पंडित रामजुआरी ने की। जिला संयोजक बलवान कोटड़ा, अध्यक्ष प्रवीण किच्छाना व प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो लोगों का धैर्य जवाब दे जाएगा। जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। इस अवसर पर सुरेंद्र कुमार पूर्व सरपंच चंदाना, जोगी राम मलिक, मा. अजमेर हरसौला, संजय जागलान, पूर्व सरपंच रामस्वरुप देवबन, बिल्लू चंदाना, कुलदीपगढ़ी, जोगेंद्र कसान, सूबे सिंह कुराड़, रणबीर फौजी, राजा कसान, ईश्वर कादियान, सुरजीत चहल हरिपुरा, बलबीर सजूमा, मा. राय सिंह कोलेखां आदि मौजूद थे।

यूपी और पंजाब में करेंगे तेरहवीं
यशपाल मलिक ने कहा कि यूपी व पंजाब में भाजपा की तेरहवीं करेंगे। यूपी में 125 सीटों पर 125 टीमें विरोध कर रही हैं। इसी तरह 2017 में गुजरात, इसके बाद राजस्थान, इसके बाद मध्य प्रदेश में भाजपा का विरोध करेंगे। क्योंकि भाजपा केवल जाट बाहुल्य प्रदेशों में है। बाकी कई राज्यों में भाजपा है ही नहीं। जाटों के बिना भाजपा सत्ता में नहीं आ सकती।

एक प्रधान कैथल का भी था
यशपाल मलिक ने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक प्रधान कैथल का भी था। लेकिन वो खाना-खाने का था। उसके धौरे कुछ नहीं था।

तीन महीने का टाइम है म्हारे पास, गेंद सरकार के पाले में
मीडिया से बातचीत में मलिक ने कहा कि 15 अप्रैल के बाद गेहूं की फसल आएगी। उनके पास तीन माह का समय है। सरकार से हर रोज बातचीत के लिए बिचौलियों के फोन आ रहे हैं। लेकिन उनकी एक ही मांग है कि 22 फरवरी, 18 मार्च व 18 जून के वादे पूरे करते हुए मुकदमे वापस लिए जाएं, युवकों को जेल से रिहा किया जाए, केंद्र में आरक्षण दिया जाए, राजकुमार सैनी पर कार्रवाई की जाए। इससे कम कुछ मंजूर नहीं। उन पर बाहरी होने व यूपी में राजनीति करने, भाजपा के साथ साठगांठ करने का आरोप लगाने वाले को 11 मार्च के बाद पता चल जाएगा। सरकार ने यदि आवाज दबाने का प्रयास किया तो दिल्ली, राजस्थान, एमपी में भी धरने शुरू कर दिए जाएंगे।
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