ट्रॉलियों में पहुंच रही हैं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा देवबन कैंची चौक पर दिए जा रहे धरना में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। हर रोज भारी संख्या में महिलाएं धरने में पहुंचती हैं और आरक्षण को लेकर आवाज बुलंद करती हैं। करीब 25 से 30 ट्रॉलियों में महिलाएं धरनास्थल पर पहुंच रही हैं।
वीरवार को धरने की अध्यक्षता जिले राम ने की। धरने को संबोधित करते हुए आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय जागलान ने कहा कि सरकार की भाषा बोलने वाले स्वयंभू नेताओं से सरकार द्वारा आरक्षण आंदोलन से संबधित मांगों के बारे किसी प्रकार की बातचीत के समझौते को जाट समाज नहीं मानेगा। भरत सिंह बैनीवाल ने राज्य मंत्री कृष्ण बेदी द्वारा यशपाल मलिक को बाहरी बताने पर उनकी घोर निंदा की। उन्होंने सवाल किया कि क्या मंत्री कृष्ण बेदी भाजपा के बाहरी नेताओं को हरियाणा में आने पर रोक लगा सकते हैं। अगर यशपाल मलिक बाहरी हैं तो सरकार ने 22 फरवरी और 18 जून 2016 को बातचीत क्यों की।
जोगी राम मलिक व मास्टर अजमेर हरसौला ने बताया कि 17 फरवरी को रोहतक के जसिया में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। जिसकी घोषणा 19 फरवरी को शहीदी दिवस पर की जाएगी। प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा व जिला प्रधान प्रवीन किच्छाना ने बताया कि वाल्मीकि समाज की ओर से चौधरी चरण सिंह ने उन्हें समर्थन दिया है। वे वीरवार को जींद के इक्कस में धरने को संबोधित करने पहुंचे थे।
इस मौके पर पंजाब कैरो, रामकला, मेवा सिंह, सोनू बांगड़, राजा राम, सतपाल सारण, शिवराम बालू, होशियार सिंह गिल, कुलदीप गढ़ी, शिशराम, गजे सिंह, सुबे सिंह, सतबीर किच्छाना, सुंदर