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जाट आरक्षण के लिए चल रहे धरने पर पहुंचे मलिक

Thu, 16 Feb 2017 12:33 AM IST
ब्यूरो कैथल
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यशपाल मलिक ने संबोधित किया। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा गांव देवबन कैंची चौक पर दिए जा रहे धरने को बुधवार को संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने संबोधित किया। यहां पहुंचने पर प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा, जिला अध्यक्ष प्रवीण किच्छाना, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय जागलान सहित समाज के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। धरने में मलिक ने कहा कि यह लड़ाई अन्याय के खिलाफ है। 20-25 साल पहले आरक्षण मिल गया था। लेकिन 94 में भजन लाल ने हटा लिया। 2013 में मिला तो 2015 में हटा लिया गया। भाजपा ने प्रदेश को बांटने का काम किया है। सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया था। लेकिन सरकार का समझौता करने का मूड नहीं है। 11 फरवरी को सरकार से बातचीत हुई। लेकिन सरकार जाट समाज के साथ भेदभाव कर रही है।
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सरकार उन विधायकों के नाम बताए, जो मांगें पूरी करने पर राजी नहीं
मलिक ने कहा कि एक ओर सरकार बात कर रही है दूसरी ओर मंत्री बयानबाजी कर रहे हैं। सरकार उन 11 विधायकों के नाम बताए जो जाटों की मांग पूरी करने का विरोध कर रहे हैं। उन्हें जनता विधायक ही नहीं रहने देगी। जिन युवकों पर 302 के मुकदमे दर्ज किए गए हैं, सरकार उनके खिलाफ सुबूत दिखाए तो उन्हें जेल में डाल दो। अब शर्तों के साथ सरकार से बात नहीं होगी। अब सरकार पर दबाव बनाने का काम करेंगे।

जानबूझ कर की गई रिपोर्ट लीक
मलिक ने कहा कि कोई राकेश आर्य है, जो रोशन लाल आर्य का कोई भाई होगा। वहां से जानबूझकर रिपोर्ट लीक करवाई गई। ताकि प्रदेश में दहशत बढ़े। जबकि लोग धरनों पर बिना किसी हथियार के खाली हाथ आते हैं। जिस तरह से हिंदू मुस्लिम को लड़वाया गया, उसी तर्ज पर प्रदेश में जाटों और गैर जाटों को लड़वाने का प्रयास है। लेकिन हर हाल में शांति बनाए रखनी है।
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कुतिया के बयाने पर ट्विट करते हैं पीएम, 10 लाख लोग दे रहे हैं धरने, अब क्यों नहीं बोलते?
मलिक ने कहा कि जो पीएम एक कुतिया के बयाने पर भी ट्विट करता है वह हरियाणा के 10 लाख लोगों के धरने पर होने के बावजूद कोई बयान नहीं दे रहा। जो भी जमींदार वर्ग से टकराया है वह कुर्सी पर नहीं बचा है। समाज का मुकाबला इस बार शातिर भेड़ियों से है। इसलिए सड़क पर जाने की बजाए शांतिपूर्वक अपना आंदोलन चलाएं। यह आंदोलन कई माह या फिर कई साल भी चल सकता है। 19 फरवरी को आगामी रणनीति का एलान होगा।
बुधवार के धरने की अध्यक्षता अंग्रेजो देवी तारागढ़ ने की। वहीं वाल्मीकि समिति के प्रदेश अध्यक्ष ने पहुंच कर जाट आरक्षण को समर्थन दिया। इस अवसर पर भरत सिंह बैनीवाल, मा. अजमेर सिंह, जोगी राम मलिक, मियां सिंह सुरेंद्र सरपंच चंदाना सहित कई अन्य लोगों ने विचार रखे।

महिलाओं ने गाया मोदी पर भजन
धरने में महिला प्रसन्नी देवी ने मंच से भजन गाया। जिसके बोल मानो वजन हमारा रे मोदी.. जाटां नै दे दयो.. बाकि राज तुम्मारा रे मोदी... गाकर खूब तालियां बटोरीं।
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