जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आंदोलन के दौरान आए चंदे का हिसाब-किताब लेने के लिए उठी आवाज के तहत गठित 51 सदस्यीय कमेटी की बैठक जवाहर पार्क में हुई। जिसमें जिले की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। कैथल में कार्यकारिणी के गठन के बाद सभी जिलों में कार्यकारिणी का गठन होगा। इसके बाद प्रदेश स्तरीय रैली का आयोजन कर आंदोलन का एलान किया जाएगा। वहीं जब तक चंदे का हिसाब-किताब नहीं दिया जाता, तब तक यशपाल मलिक के संगठन द्वारा आहूत किसी आंदोलन या आह्वान पर उनके किसी कार्यक्रम में नहीं जाने का फैसला किया गया।
कार्यकारिणी में जोगेंद्र कसान को जिला प्रधान बनाया गया है। वहीं कर्म सिंह कादियान, बलवान सिंह कौलेखां, साधू राम पूर्व सरपंच प्यौदा व हरसौला से चंद्रशेखर को उपाध्यक्ष, दलबीर हरसौला को महासचिव, सुरजीत सिंह ढांडा को वित्त सचिव, होशियार सिंह गिल को प्रेस प्रवक्ता व जसविंद्र सिंह को ऑडिटर चुना गया। वहीं इंद्र सिंह सहारण, बजे सिंह मटौर, राजपाल ढांडा, कपूर सिंह, टीपू चंदाना, रमेश चंदाना, ईश्वर व हजूर सिंह को संगठन सचिव तथा कर्मा कसान, ओमप्रकाश ढुल, मनोज मलिक व मनोज चहल, सुच्चा सिंह, बृजलाल, धर्म संह, बलवान सिंह मलिक, मा. रामकला बिढाण को कार्यकारिणी सदस्यों के साथ-साथ 26 आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। इन सभी को भरत सिंह बैनीवाल ने गोपनीयता की शपथ दिलवाई।
बैठक को संबोधित करते हुए भरत सिंह बैनीवाल व जिला अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह कसान ने कहा कि संगठन का मुख्य लक्ष्य समाज को प्रदेश व केंद्र में आरक्षण दिलवाना, सांसद सैनी, पूर्व विधायक रोशन लाल व मंत्री मनीष ग्रोवर के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाना, जेलों में बंद युवाओं को रिहा करवाना, आंदोलन के दौरान बनाए गए मुकदमों को रद्द करवाना, मृतकों के आश्रितों को रोजगार दिलवाना व धरने में चंदे के गबन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना व संगठन से अलग-थलग करना है।
बैठक में कर्म सिंह, बनी सिंह संधू, होशियार सिंह ने कहा कि गत सालों में समाज को आरक्षण दिलवाने व सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन किया गया। लेकिन सांसद सैनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को छोड़ दिया गया। जिससे समाज को गहरा धक्का लगा है। यदि आंदोलन का चंदा व्यवसाय में लगाया गया तो समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। किसी को भी लाशों पर व्यापार नहीं करने दिया जाएगा। संगठन शीघ्र ही प्रदेश स्तरीय रैली करके उक्त मांगों के लिए फिर से आंदोलन का एलान करेगा। बैठक में गुरनाम सिंह सहारण खाप, बजे सिंह मौण खाप, बैनीवाल खाप ने सहमति दी। इस अवसर पर बलजोरा चहल, मेवा सिंह, बलदेव सिंह, राजा ढुल, बीरबल ढुल, टीटी कसान, पवन जागलान, बिट्टू सहरावत, होशियार सिंह माजरा, धीरा, टेकचंद संदलखेड़ी, केर सिंह गढ़ी, हरिकेश गुलियाणा, राजेश सिसला, सुखबीर सिंह सिसला व बलजीत चंदाना भी मौजूद थे।
यशपाल मलिक के संगठन से अलग है हमारी राह
भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि चंदे के हिसाब-किताब के लिए उन्होंने आवाज उठाई है। यदि चंदे का हिसाब-किताब नहीं मिला तो यशपाल मलिक के संगठन के बैनर तले किसी कार्यक्रम या आंदोलन में भाग नहीं लेंगे। यदि वे चंदे का हिसाब-किताब दे देते हैं तो बातचीत कर आगे साथ चलने का सोचा जा सकता है। फिलहाल कैथल की कार्यकारिणी गठित कर दी गई है। सभी जिलों में इस तरह कार्यकारिणी का गठन कर प्रदेश स्तरीय रैली का आयोजन कर आंदोलन का आगाज किया जाएगा।