संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के सिरटा रोड पर बना रैन बसेरा केवल नाम का ही रैन बसेरा है। यहां पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। नगर परिषद की ओर से इस रैन बसेरा में बिस्तर तो लगाए गए हैं, लेकिन पीने के पानी और शौचालय की सुविधा नहीं है। यहां पर जो शौचालय बने है। इनकी हालत बेहद खराब हो चुकी है।
गौरतलब है कि सिरटा रोड पर बनाया गया रैन बसेरा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से तीन से साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। ऐसे में रैन बसेरा में आश्रय लेने वाले लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं मिल पाती है। इसके साथ ही बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी रैन बसेरे की कोई सुविधा नहीं है।
पंजाब के पटियाला से पहुंचे ट्रक चालक सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उसे राजस्थान में जाना था, लेकिन उसने यहां आराम करने की सोची। यहां पर बिस्तर को मिले, लेकिन यहां पर कमरों में खिड़कियों के शीशे टूटें हुए हैं। रामपाल ने बताया कि उसने भी पंजाब के लुधियाना से करनाल में जाना था, लेकिन शाम के समय बस न मिलने के कारण वे रात में ठहरने के लिए रैन बसेरे में पहुंचा है। यहां पर शौचालय काफी खराब अवस्था में है।
यहां बनाया जा सकता है रैन बसरा
पुराने रेलवे स्टेशन के नजदीक नई व पुरानी अनाज मंडी है। इसके नजदीक राम नगर, चंदाना गेट में धर्मशालाएं भी हैं, इसलिए सर्दी के मौसम में प्रशासन की तरफ से यहां रैन बसेरा बनाया जा सकता है। वहीं बस अड्डा के नजदीक हनुमान वाटिका, बाल भवन है, यहां भी सर्दी के मौसम को देखते हुए रैन बसेरा बनाया जा सकता है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक ने बताया कि रैन बसेरों में व्यवस्थाओं की जांच को लेकर जायजा लिया जाएगा। यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसे दूर करवा दिया जाएगा।