गुहला चीका। बच्चों को भविष्य के राष्ट्र निर्माता बताते हुए अधिवक्ता जीवन सिंह नैन ने कहा कि उनका बचपन सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह बात उन्होंने राजकीय आईटीआई चीका में नालसा द्वारा आयोजित बच्चों के अधिकारों और बचपन सुरक्षा अभियान के दौरान स्थानीय विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। नैन ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी शिक्षण संस्थान या सरकार इस आदेश की अनदेखी नहीं कर सकती, क्योंकि शिक्षा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। संवाद