माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दहशत का माहौल ठीक नहीं है। सिख समाज की छवि को बदनाम किया जा रहा है। आतंकवादी बनाकर पेश किया जा रहा है जबकि देश की आजादी में सिखों का बड़ा योगदान है। एक व्यक्ति की वजह से पूरी कौम को निशाने पर लेना ठीक नहीं है। आज नहीं तो कल अमृतपाल पकड़ा ही जाएगा। उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई बनती है तो होनी चाहिए। यह कहना है हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान एवं पंथ प्रचारक बलजीत सिंह दादूवाल का, जो शुक्रवार काे खालसा पंथ के सृजन दिवस वैशाखी पर गुरुद्वारा डेरा कार सेवा पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सामने आया है कि अमृतपाल 18 तारीख से पुलिस की गिरफ्त में है और अगर गिरफ्त में नहीं है तो जिस प्रकार से उसकी वीडियो सामने आ रही है, इससे दहशत का माहौल बना है, जो कि सिख कौम के साथ ही पूरे पंजाब के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि सिख बंदियों की सजा पूरी होने के बाद भी जेल में रखा गया है। तीस वर्ष हो रहे हैं जबकि वे धर्म की लड़ाई लड़ रहे थे। बिलकिस बानो के दुष्कर्मियों को आजादी के दिन रिहा कर दिया गया। राजीव गांधी के कातिलों को रिहा कर दिया गया, लेकिन धर्म की लड़ाई लड़ने वाले सिख बंदियों की रिहाई अभी तक नहीं हुई है। उनकी रिहाई के लिए सिख समाज को संघर्ष करना पड़ रहा है। दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। इन्हें रिहा नहीं किए जाने से रोष और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राजनीति से धर्म का नुकसान होता है।
- हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का जिस तरह से काम होना चाहिए, नहीं हो रहा है : दादूवाल
मौजूदा हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर उन्होंने कहा कि जिस तरह से काम होना चाहिए, नहीं हो रहा है। पूरे देश में अलग-अलग गुरुद्वारा कमेटियां वैसाखी का पर्व मना रहीं हैं, लेकिन हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से प्रदेश में कोई आयोजन नहीं किया गया। गुरु पर्व के लिए छह करोड़ रुपये का बजट दिया गया, लेकिन मौजूदा प्रबंधक कमेटी ने आयोजन ही नहीं किए। कमेटी के चुनाव को अभी 18 महीने हैं। मुख्यमंत्री से अपील है कि कमेटी के सही कामकाज के लिए किसी सदस्य को अपनी ओर से जिम्मेदारी सौंप दें, जिससे काम ठीक से हो सके।