isaanon ko dee phasal avashesh prabandhan kee jaanakaaree
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गांव संगतपुरा में कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. सतीश कुमार नारा व डॉ. सुशील कुमार की अध्यक्षता फसल अवशेष प्रबंधन पर किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। डॉ. सुशील कुमार ने किसानों को फसल अवशेष न जलाकर उनको मिट्टी में मिलाने से होने वाले फायदों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसान धान की कटाई करते हुए व कटाई के बाद आधुनिक कृषि यंत्रों एसएमएस सिस्टम, सुपर सीडर, एमबी प्लो, हैपी सीडर व स्ट्रॉ चॉपर का प्रयोग करके फसल अवशेषों का प्रबंधन कर सकते हैं। इन कृषि यंत्रों के प्रयोग से फसल अवशेष जलाने से निजात मिलती है। साथ ही अवशेषों को जमीन में मिलने से ओर्गेनिक कार्बन, निकेल, नाइट्रोजन, फासफोर्स व पोटास जैसे तत्वों की मात्रा सही होती है, जिससे जमीन की उपजाऊ शक्ति में वृद्धि होती है। किसान सोसाइटी बनाकर कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. सतीश कुमार नारा ने किसानों को सुबह-शाम अपने खेतों में जाकर फसलों का अच्छी तरह से निरीक्षण करने की सलाह दी। प्रगतिशील किसान नरेंद्र सिंह, कुलविंद्र सिंह सुखजिंद्र, डॉ. अनिल गिरधर, सत्यवान, भाग सिंह व मेवा मौजूद थे। संवाद