संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला प्रशासन के निर्देशों पर शहर की अनाज मंडियों में रविवार को धान की आवक और खरीद कार्य बंद किया गया। इस दौरान केवल उठान का कार्य ही खरीद एजेंसियों की ओर से किया गया।
रविवार को आवक और खरीद बंद होने के चलते करीब डेढ़ लाख एमटी टन धान की उठान की गई।
गौरतलब है कि मार्केट कमेटी की ओर से अब तक 20 आढ़तियों को सड़क पर धान गिराने पर नोटिस दिए थे। जबकि तीन आढ़तियों के लाइसेंस रद्द किए गए थे। बता दें कि राइस मिलरों की ओर से खरीद भी शुरू की गई है। इसके बावजूद मंडियों में जाम की स्थिति से कोई मुक्ति नहीं मिल पाई है।
वहीं, अभी तक राजौंद में भी राइस मिलरों ने खरीद शुरू नहीं की है। ऐसे में राजौंद में किसानों ने फिर से जाम लगाया। गौरतलब है कि अभी तक जिले की मंडियों में गत दिवस तक जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तीन लाख 73 हजार 979 मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद की जा चुकी है। कुल आवक में से खाद्य और आपूर्ति विभाग ने एक लाख 96 हजार 209 एमटी, हैफेड ने 88 हजार 211 एमटी और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने 89 हजार 25 एमटी धान खरीदा है। शहर की तीनों मंडियों में उठान की समस्या को देखते हुए नई अनाज मंडी एसोसिएशन ने रविवार को धान की बोली न करने का फैसला लिया गया था।
नई अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार ने बताया कि रविवार को धान की कोई सरकारी बोली नहीं हुई। इस दौरान सिर्फ लदान का कार्य ही किया। किसी भी ट्रैक्टर ट्राली को प्रशासन की ओर से अंदर नहीं आने दिया। नई अनाज मंडी, अतिरिक्त अनाज मंडी व ट्रांसपोर्ट नगर में रविवार रात्रि 12 बजे तक अनाज मंडी में माल की आवक और कोई तुलाई नहीं हुई।
मार्केट कमेटी के सचिव बसाऊ राम ने बताया कि सड़क पर धान डालने वाले 15 आढ़तियों को दो दिन पहले ही नोटिस दिए गए है। इस दौरान तीन आढ़तियों ने नोटिस के बावजूद कमेटी के आदेश नहीं माने। उनकी धान की सरकारी खरीद बंद कर दी गई है।
डीसी डॉ. विवेक भारती ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान को सुखाकर मंडी में लेकर आए, जिससे कि जल्द खरीद की जा सके। धान की फसल की कटाई के बाद फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि इन अवशेषों से पशुओं के लिए चारा बनाएं और इसे जमीन में मिलाकर उपजाऊ शक्ति बढ़ाएं।