कैथल। सावन के महीने में हर वर्ष विभिन्न सामाजिक संस्थाएं कांवड़ियों के लिए राहत शिविर लगाती रहती हैं। इसमें कांवड़ियों को हर सुविधा देने का प्रयास करती हैं, ताकि दूरदराज तक कावड़ लेकर जाने वाले शिवभक्तों को रास्ते में कोई समस्या ना आए उनके लिए शिविरों में भंडारा, मेडिकल सुविधा, नहाने व सोने के लिए सहायता प्रदान करती हैं।
शहर में वैसे तो मंदिरों व कई स्थान पर कांवड़ियों के लिए शिविर लगाए हुए हैं। इनमें कावड़िये भोजन सहित कुछ देर के लिए आराम फरमाते हैं, उसके बाद अपने गंतव्य की ओर बढ़ जाते हैं।
सावन के अवसर पर श्री खाटू श्याम व सालासर सेवा मंडल, गऊ सेवा समिति सिनीयर सिटीजन व श्री श्याम रसोई संस्था के सदस्यों ने ढांड रोड पर आठ से पंद्रह जुलाई तक कांवड़ियों के लिए 15वां विशाल भंडारा शिविर का आयोजन किया गया। सभी संस्थाओं के प्रधान मनोज सिंगला, प्रधान जगदीश सिंगला व प्रधान विक्की गोयल ने बताया कि ये तीनों संस्थाएं सांझा शिविर लगाया हुआ है। इसमें लगभग 50 सेवादार कांवड़ियों की सेवा में लगे हैं। भंडारा शिविर सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक जारी है। अगर शिवभक्त देर रात को भी आते हैं तो संस्थाओं सभी सेवादार उनको शिविर में हर सुविधाएं मुहैया करवाते हैं।
पहले दिन शिविर में दो सौ, दूसरे दिन तीन सौ व सोमवार को लगभग 350 कांवड़िये पहुंचे। शिविर में कांवड़ियों के लिए पास के मंदिर परिसर में नहाने की सुविधा की हुई है। भंडारे में कांवड़ियों को भोजन, दूध, फल व अन्य खाद्य सामग्री वितरित करती है व जरूरतमंद को मेडिकल सुविधाएं भी मुहैया करवाती है।
व्रत रखने वाले कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था की हुई है। कांवड़ियों के अलावा अगर कोई जरूरतमंद भी आते हैं तो उन्हें भी भंडारे मेंं भोजन करवाया जाता है। संस्था से सभी सदस्य दिनरात शिविर में सेवाएं देते हैं। सदस्योंं ने कहा कि सामूहिक प्रयास और भगवान भोले शंकर की कृपा से अच्छा भंडारा चल रहा है। भंडारे में सेक्टर 19 के शिव मंदिर परिसर सहित अन्य हुड्डा वासियों का भरपूर सहयोग रहता है। इस अवसर पर धर्मवीर केमिस्ट, जगदीश कोलिया, पवन गुप्ता, सुभाष मित्तल, डीपी कंसल, हरकेश, बाबुराम मंगला, धर्मबीर बंसल, देवी प्रसन्न व मोहन लाल गुप्ता मौजूद रहे।
शिवभक्त कमलदीप ने बताया कि वह हरिद्वार से झूला कांवड़ लेकर आए हैं और रतिया जाएंगे। वह पांच दिनों से कावड़ लेकर चले हुए हैं। यह इस बार यह तीसरी कावड़ है। भोले नाथ से अच्छी पढा़ई व घर बनाने की कामना की थी। उसके साथ प्रदीप, पवन व सोनू है। जिनकी पहली कावड़ है।