सीवन। महंत अवध बिहारी दास ने कहा कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर गणेश प्रतिमा की स्थापना सुबह से शाम 3:45 बजे तक की जाएगी। दोपहर 12:08 से 1:39 बजे तक का समय गणेश स्थापना के लिए ज्यादा शुभ है। मान्यता है कि प्रतिमा की स्थापना और पूजा से जीवन के संकट दूर होते हैं।
महंत ने बताया कि श्रद्धालुओं को स्वच्छता और शुद्ध भाव से गणपति जी की स्थापना करनी चाहिए। मिट्टी की प्रतिमा और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग सर्वोत्तम है। व्रत, उपवास और गणेश मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना गया है। उन्होंने कहा कि मोदक का प्रसाद अवश्य अर्पित करना चाहिए, क्योंकि गणपति जी को यह प्रिय है। सामूहिक आरती और भजन-कीर्तन से परिवार और समाज में एकता बढ़ती है। जरूरतमंदों की सेवा करना ही गणपति जी की सच्ची भक्ति है।
श्रद्धालु राहुल कक्कड़ (सीवन) ने बताया कि गणेश महोत्सव में गणपति बप्पा की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। मोदक और फलों सहित विभिन्न प्रसाद का भोग लगाया जाता है। जिला प्रशासन ने भी उत्सव को सफल बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सीवन में कई जगहों पर पंडाल सजाए जाएंगे और कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां भी तैयार की जा रही हैं। श्रद्धालुओं में जोश है। संवाद