संत कबीर जयंती पर मौजूद सभा के लोग। स्वय
- फोटो : चिढ़रई गांव में टूटे पडे़ पोल। स्रोत:विभाग
कैथल। भगत सिंह भवन में कबीर जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञान विज्ञान समिति के जिला अध्यक्ष अमृत लाल सीवन व संचालन डॉ. विकास आनंद ने किया।
उन्होंने बताया कि जब भक्ति काल में चारों ओर अन्धकार था, पाखण्ड का बोलबाला था, दकियानूसी विचारों को बढ़ावा दिया जा रहा था।
तब संत कबीर ने अपनी वाणी से सामाजिक न्याय, समरसता के लिए और अन्धविश्वासों के खिलाफ अपनी शब्दावली व दोहे गायन से समाज को बेबाक तरीके से प्रकाश का रास्ता दिखाने का बिना भय व डर के भरसक प्रयास किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मास्टर गोपाल दास आनंद ने कबीर जयंती के संबंध में शब्द गायन व उनके दोहों का गायन किया। दिलबाग अकेला ने कहा कि कबीर जी ने हर कुरीति पर अपनी वाणी से वार किया। कार्यक्रम में जसबीर सिंह, रमेश हरित, नरेश रोहेड़ा, रमेश फर्श माजरा, सावित्री और राजेश भुक्कल ने उपस्थिति दर्ज की।
संत कबीर जयंती पर मौजूद सभा के लोग। स्वय- फोटो : चिढ़रई गांव में टूटे पडे़ पोल। स्रोत:विभाग