ढांड। गेहूं का सीजन शुरू हो चुका है। खरीद केंद्रों पर किसानों के इंतजार के बीच वीरवार को भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक मंजूनाथ होंगल ने साइलो गोदामों का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि गेहूं खरीद की सभी तैयारी दुरुस्त रखें। किसी प्रकार की कोताही को सहन नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के बाद प्रबंधक मंजूनाथ होंगल ने अदानी साइलो कार्यालय में मार्केट कमेटी सचिव देवेंद्र सिंह, मैनेजर अजय शर्मा, खरीद कार्य में लगी टीम व मंडी आढ़तियों के साथ बैठक कर गेहूं खरीद कार्य को लेकर चर्चा की। साथ ही गेहूं सीजन के दौरान आने वाली समस्याओं को जाना। इसके बाद उन्होंने सभी आढ़तियों को संतुष्ट किया कि सीजन के दौरान किसी भी व्यापारी व किसानों को समस्या नहीं आने दी जाएगी। गेहूं का भुगतान किसानों के खाते में निर्धारित समय पर हो, इसके लिए उन्होंने आढ़तियों को जरूरी कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बिल समय पर बनने के बाद ही खाते में समय पर भुगतान किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से गेहूं खरीद का कार्य किया जाएगा। इसके लिए सभी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने किसानों से मापदंड के अनुसार गेहूं लाने की अपील की। नमी की मात्रा का ध्यान रखने का भी आह्वान किया ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इस मौके पर मंडी प्रधान सलिंद्र शर्मा, लाला रामकुमार, ईश्वर शर्मा, रवि शर्मा, नरेश सहारण घराड़सी, बलविंद्र शर्मा, रोशन लाल, बलराज संगरौली आदि मौजूद रहे।
क्या है साइलो गोदाम
साइलो स्टोरेज (गोदाम) यानी बखारी में बिना बोरी के अनाज का भंडारण किया जाता है। यह स्टील का ढांचा होता है। इसमें चार बेलनाकार बड़े टैंक होते हैं। इनमें बिना बोरी के अनाज का भंडारण लंबे समय तक किया जा सकता है। साइलो लकड़ी की सीढ़ियों, कंक्रीट की सीढ़ियों, कास्ट कंक्रीट और स्टील पैनल जैसी कई सामग्रियों से बने हो सकते हैं। साइलो को रेल कारों, ट्रकों या कन्वेयर में उतारा जा सकता है। आमतौर पर इसमें छह से महीनों के बीच अनाज को सुरक्षा के साथ रखा जा सकता है।