कैथल। एडीसी सुशील कुमार ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें। नशा मुक्ति केंद्रों के नियमित निरीक्षण के साथ-साथ मेडिकल स्टोरों की भी आकस्मिक जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही बिना वैध डिग्री व पंजीकरण के चिकित्सा का कार्य करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एडीसी सुशील कुमार ने जिला सचिवालय में आयोजित जिला स्तरीय एनकोर्ड समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण, ड्रग कंट्रोलर की ओर से मेडिकल स्टोरों पर की गई कार्रवाई, पुलिस विभाग की प्रगति और विभिन्न विभागों की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एडीसी ने कहा कि जिला प्रशासन का मिशन हर गांव व शहर को नशा मुक्त बनाना है। नशा एक बहुत ही संवेदनशील मामला है, जो शरीर के साथ-साथ समाज को भी खोखला कर देता है। इससे निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को गंभीरता व संजीदगी के साथ काम करना होगा। बैठक के दौरान जिस विभाग की जो जिम्मेदारी दी जाती है, उसे तय समय पर पूरा करें और उसकी रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करें।
एडीसी ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ नशा स्त्रोतों का भी पता लगाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग जागरूकता अभियानों में तेजी लाएं। सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए।
नियमों का पालन न करने वाले केंद्रों पर कार्रवाई अमल में लाई जाए। सीएमओ ने बताया कि ड्रग कंट्रोल ऑफिसर व स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से पट्टी अफगान में छापा मारा गया था। इस पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई गई। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को कहा कि रात्रि प्रवास कार्यक्रमों में भी नशे के खिलाफ गठित टीम को जागरूकता के लिए भेजा जाए।
एडीसी ने ड्रग कंट्रोल ऑफिसर को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे समय-समय पर मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण करते रहें और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इनकी चेकिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग, ड्रग कंट्रोलर व पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
वहीं खेल विभाग के अधिकारी ने कहा कि नशा मुक्त प्रदेश बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। एडीसी ने जिला विकास व पंचायत अधिकारी से जर्जर पड़े सरकारी भवनों के बारे में जानकारी हासिल की और निर्देश दिए कि इस पर आगामी प्रक्रिया शुरू की जाए।
शिक्षा विभाग के अधिकारी जुलाई माह का प्रस्तावित कार्यक्रम तैयार करें और अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम करवाना सुनिश्चित करें। बीईओ कैथल की ओर से स्कूल टाइम के दौरान स्कूलों के नजदीक पार्कों में पुलिस की गश्त करवाने का आह्वान किया। इस पर एडीसी ने पुलिस विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए।
इस मौके पर डीएसपी सुशील प्रकाश, डीएसपी रमेश गुलिया और सीएमओ रेणू चावला आदि मौजूद रहे।