प्राइवेट स्कूल टीचरों ने 5 माह का वेतन न दिए जाने व बगैर नोटिस रिलीव किए जाने का आरोप लगाकर प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ रोष प्रकट किया व एसडीएम रिगन कुमार को ज्ञापन सौंपा। उससे पहले मास्टर जगबीर सिंह की अध्यक्षता में बस स्टैंड के सामने निजी संस्थान पर अध्यापकों की मीटिंग हुई। मीटिंग में लॉक डाउन के दौरान अध्यापकों हो रही समस्याओं के बारे में विचार विमर्श किया गया। इस दौरान प्राइवेट स्कूल अध्यापक जगबीर सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के प्राइवेट स्कूलों द्वारा अध्यापकों से बिना वेतन के विद्यालयों का कार्य करवाया जा रहा है। उनको शिक्षा सामग्री के पैसे भी उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। उच्च विद्यालय में तो बिना कोई नोटिस दिए अध्यापकों को रिलीव भी कर दिया है। उन्होंने बताया कि निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ पीड़ित प्राइवेट अध्यापकों में रोष है। इस अवसर पर अमित किठाना, विक्रांत मोर, देवेंद्र सिंह कुराड, अमित कुमार सिंगला, दीपक शास्त्री, रामजन सजुमा, बलराज खरक, मनोज मटोर, राजकुमार, रामवीर कोयल व जसवीर सिंह मौजूद थे।