फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनोहर सरकार एसवाईएल पर नहीं कर रही मजबूत पैरवी : माजरा

Sun, 22 Jan 2017 11:57 PM IST
ब्यूरो कैथल
विज्ञापन
संबोधित करते माजरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं इनेलो नेता रामपाल माजरा ने एसवाईएल मामले में केंद्र व हरियाणा सरकार की ढुलमुल नीति तथा सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष हरियाणा के स्टैंड को सही तरीके से पेश न करने पर इसे किसानों के हितों पर कुठाराघात बताया है। उन्होंने कहा कि इस कारण सिंचाई के लिए पानी के संकट से जूझ रहे हरियाणा के किसानों की फजीहत हो रही है। माजरा अपने निवास पर इनेलो कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने सतलुज यमुना लिंक नहर के निर्माण का आदेश दिया था, जिसे टालने के लिए पंजाब विधानसभा उसी साल पंजाब टर्मिनेशन ऑफ एग्रीमेंट एक्ट पारित कर दिया और राज्यपाल ने भी उस पर मोहर लगा दी। यह कानून आज भी प्रभावी है, यह बात सॉलिस्टर जनरल ने केंद्र सरकार की ओर से पैरवी करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में दलील दी। माजरा ने हरियाणा सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि इस कानून को निरस्त करने के लिए सरकार ने आज तक कोई याचिका दायर नहीं की है जिससे यह स्पष्ट है कि हरियाणा सरकार राजनीतिक लाभ उठाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में हरियाणा के स्टैंड को मजबूती से पेश नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विपक्ष नेता अभय सिंह चौटाला तयशुदा कार्यक्रम के तहत 23 फरवरी से खुदाई का काम शुरू करेंगे। इस मौके पर भारी संख्या में इनेलो पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें