संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बदलते मौसम ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। कभी तेज धूप तो कभी रुक-रुक कर होने वाली बारिश के कारण फंगल संक्रमण और वायरल बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 400 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से 30 प्रतिशत मरीज संक्रमण से पीड़ित पाए जा रहे हैं।
अस्पताल के सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस मौसम में नमी और पसीने के कारण फंगल इंफेक्शन तेजी से फैलता है। यही वजह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग महंगे साबुन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे फायदा मिलने के बजाय त्वचा की समस्या और बढ़ जाती है।
डॉ. अग्रवाल ने चेताया कि इस मौसम में खांसी-जुकाम, वायरल बुखार, पीलिया और डेंगू जैसी बीमारियों के केस भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है। बिना विशेषज्ञ की सलाह के इलाज शुरू करना खतरनाक हो सकता है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सबसे अधिक मरीज वायरल बुखार के दर्ज किए गए। प्रतिदिन लगभग एक हजार मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा बुखार से पीड़ित हैं। एक सितंबर से अब तक करीब 17 हजार मरीज अस्पताल में आ चुके हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि हाई ग्रेड बुखार (102 डिग्री से अधिक) के मामलों में प्लेटलेट्स की संख्या लगातार कम हो रही है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को तीन दिन से ज्यादा तेज बुखार बना रहे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों ने लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, गंदगी से बचने, स्वच्छ पानी और अधिक तरल पदार्थ पीने की सलाह दी है।
इस मौसम में नमी और पसीने से फंगल इंफेक्शन बढ़ रहा है। इसके चलते खांसी, जुकाम, वायरल बुखार और पीलिया के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के इलाज शुरू न करें। -डॉ. अनिल अग्रवाल सामान्य रोग विशेषज्ञ
0 1 जिला नगारिक अस्पताल में छोटे बच्चों का ईलाज करते डॉ. अनील अग्रवाल