हरियाणा के पूर्व मुख्य संसदीय सचिव और इनेलो नेता रामपाल माजरा ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा किसानों की सहमति के बिना उन पर फसल बीमा योजना को लागू करने का दबाव डाला जा रहा है। माजरा ने इनैलो के सभी प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों की बैठक कर 9 अगस्त को प्रस्तावित रोष प्रदर्शन पर बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति के बिना उनके खातों से फसल बीमा योजना के प्रीमियम के नाम पर पैसा लुटा जा रहा हो।
उन्होंने यह भी कहा कि आंकड़े बताते हैं कि इस फसल बीमा योजना की एवज में भाजपा सरकार हरियाणा प्रदेश के किसानों पर बिना वजह 900 करोड़ रुपये का बोझ डाल रही है। इस योजना में पूरे गांव को एक इकाई माना गया है और जब तक पूरे का पूरा गांव किसी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित नहीं होगा तब तक किसी किसान को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा ने भरोसा दिलाया कि जिले के सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और सदस्य भारी संख्या में रोष प्रदर्शन के लिए पहुंचेंगे। इस बैठक में सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्षों व संयोजकों ने इस संदर्भ में अपने-अपने सुझाव भी दिए जिस पर विचार-विमर्श के बाद रोष प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई।
इस मौके पर बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला प्रधान शशी वालिया, पूर्व विधायक बूटा सिंह, काला खरक प्रधान, डा. मेहर सिंह सैनी, जाट शिक्षा समिति के प्रधान रणबीर ढुल फौजी, सरपंच राजा राम माजरा, धर्मपाल छौत, जिला मीडिया संयोजक हरदीप पाडला, युवा जिलाध्यक्ष बलराज नौच, पूर्व सरपंच संजीव छौत, जोगी राम पूंडरी, कंवरजीत वालिया, मा. बलबीर सिंह मटौर, शमशेर और सूबे सिंह कुराड़, राजेश शर्मा, जंगीर सिंह सीवघन, राममेहर खुराना आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।