कैथल। सीपीआई (एम) ने भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि इस समझौते से देश के उद्योग और कृषि क्षेत्र को नुकसान होगा। शहीद भगत सिंह भवन में छात्र-युवा ब्रांच की बैठक में यह मुद्दा उठाया गया। प्रदेश सचिव प्रेम चंद व जिला सचिव सतपाल आनंद ने समझौते को जन-विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इसके तहत 90 प्रतिशत से अधिक आयातित सामानों पर टैरिफ खत्म किए जाएंगे। इससे ऑटोमोबाइल, दवा और मशीनरी उद्योग पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। यूरोपीय संघ ने भारत को निर्यात में 107.6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। पार्टी के अनुसार इससे देश में बेरोजगारी और बढ़ेगी। माकपा ने सभी जन-विरोधी मुक्त व्यापार समझौते रद्द करने की मांग की। संवाद