शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी में उपस्थित अतिथि, युवा मंच पदाधिकारी एवं छ
कलायत। कलायत के गांव बढ़सीकरी कलां में डाॅ. भीमराव अंबेडकर युवा मंच की ओर से शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि गुरूदेव बड़सीकरी बसवा ने कहा कि भारत की आजादी असंख्य देशभक्तों और क्रांतिकारियों के बलिदान का परिणाम है। शहीद ऊधम सिंह के बचपन का नाम शेर सिंह था। जलियांवाला बाग हत्याकांड ने उनके मन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। इसी अत्याचार का बदला लेने के लिए उन्होंने दुश्मन के घर में घुसकर जरनल डायर को गलियों से भून डाला।
डाॅ. बीआर अंबेडकर और शहीद कैप्टन पूनम रानी महिला पुस्तकालय में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच युवा मंच प्रधान प्रवीन राठी व मुख्य प्रभारी कुलदीप धानिया ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मंच के संरक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता गुरूदेव बड़सीकरी बसवा उपस्थित रहे। मंच संचालन पुस्तकालय प्रभारी अभिषेक धानिया और मोनू धानिया ने कुशलता से किया।
प्रधान प्रवीन राठी और मुख्य प्रभारी कुलदीप धानिया ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद ऊधम सिंह को आज तक मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया है। उन्होंने भारत सरकार से महान क्रांतिकारी के अद्वितीय योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें भारत रत्न प्रदान करने की मांग की। इस अवसर पर मोनू धानिया, मनीष कश्यप, सोनू धानिया, गुरमीत राठी, प्रिंस राठी ने भाग लिया।
शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी में उपस्थित अतिथि, युवा मंच पदाधिकारी एवं छ