संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। सिनेमा रोड व हैफेड रोड के कुछ चिकित्सक व मेडिकल स्टोर संचालक मेडिकल वेस्ट खुले में फेंक रहे हैं। इस मेडिकल वेस्ट में जहां प्लास्टिक व कांच की वस्तुएं होती हैं वहीं नुकीली सुईयां भी बड़ी मात्रा में होती हैं। वेस्ट में हर समय बेसहारा पशु मुंह मारते देखे जाते हैं।
कई बार इस मेडिकल वेस्ट के साथ ही खाने की भी वस्तुएं होती हैं। इन खाने के वस्तुओं के साथ ही पशु नुकीली सुइयों को भी खा जाते हैं। दूसरी तरफ कचरा बीनने वाले बच्चे भी यहां पर कचरा उठाते हुए देखे जा सकते हैं। इसके चलते संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय निवासी प्रदीप शर्मा, सुरेश, रजत व विजय ने नगरपालिका प्रशासन से मांग की है की खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करते हुए इस पर रोक लगाई जाए।
निजी अस्पताल या क्लीनिक संचालक मेडिकल वेस्ट को यदि सड़क पर फेंकते हैं तो यह गंभीर मामला है। इसका एक वीडियो मिला है। इस तरह का कचरा खुले में फेंकने वालों की पहचान कर जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे। -राजेश कुमार, सचिव नगरपालिका चीका।
मेडिकल वेस्ट का मतलब
डब्ल्यूएचओ मेडिकल कचरे को स्वास्थ्य सेवा गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले कचरे के रूप में परिभाषित करता है, जिसमें इस्तेमाल की गई सुइयों और सिरिंजों से लेकर गंदे ड्रेसिंग, शरीर के अंग, डायग्नोस्टिक नमूने, रक्त, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और रेडियोधर्मी सामग्री शामिल हैं। अपशिष्ट प्रबंधन स्वास्थ्य सेवा का एक अनिवार्य हिस्सा है।
तीन प्रकार के होते हैं मेडिकल वेस्ट
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अप्रयुक्त दवाइयां और कोशिका विषाक्त औषधियां। ड्रेसिंग, पट्टियां, प्लास्टर के टुकड़े, खून से भीगी संदूषित सामग्री, आदि। ठोस कचरा (डिस्पोज़ेबल सामग्रियां जैसे सिरिंजें, ट्यूब्स, कैथेटर्स, आदि)। किसी भी संक्रमित भाग से उत्पन्न तरल रूपी कचरा।