कैथल। जिले में अब पराली जलाने के मामले में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। अब तक पराली जलाने के जिले में कुल 381 मामले सामने आए हैं। बुधवार को भी पराली जलाने का एक मामला सामने आया है जबकि गत वर्ष इस दिन कुल 35 मामले सामने आए थे। वहीं, जिले में अब कुल 512 पराली जलाने के मामले सामने आए थे। हालांकि राहत की बात यह भी है कि इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले पराली जलाने के मामले घटे हैं।
दिवाली के बाद प्रदूषण के स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। दिवाली से अगले दिन मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 278 रहा था, जो बुधवार को 260 रहा। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण भी लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शाम के समय आंखों में जलन होती है और स्मॉग के कारण सांस से संबंधित परेशानियां भी होती हैं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले पराली जलाने के मामले घटे हैं। अच्छी बात यह भी है कि इस बार एक भी किसान पर पराली जलाने का मामला दर्ज नहीं हुआ है। वहीं, प्रदूषण का स्तर बढऩे पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विकास हुड्डा ने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए पेड़ों पर छिड़काव किया जा रहा है।