राजौंद। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां भगवती के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही। श्रद्धालु मां के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
आचार्य रामभगत हरित ने बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। मां आदिशक्ति के नौ रूप पूरे ब्रह्मांड को शक्ति प्रदान करते हैं इसलिए श्रद्धालुओं को नवरात्र के दौरान शुद्धता और श्रद्धाभाव के साथ पूजा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नवरात्र में कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है। अष्टमी और नवमी पर श्रद्धालु कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन करवाते हैं और आशीर्वाद लेते हैं।
इसके अलावा दुर्गा मंदिर में प्रथम नवरात्र से ही महिला संकीर्तन मंडली की ओर से भजन-कीर्तन किया जा रहा है। शनिवार को भी मंडली की महिलाओं ने मां भगवती की महिमा का गुणगान किया। भजनों के बीच मंदिर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।