संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। स्थानीय आरकेएसडी महाविद्यालय की सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित रत्नावली सांग महोत्सव में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति दी। यह आयोजन करनाल, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जोन में किया जा रहा है। इस क्रम में शुक्रवार को इंदिरा गांधी महाविद्यालय लाडवा के तहत गांव बुड्ढा में राजा हरिश्चंद्र सांग का मंचन किया गया। यह महोत्सव 18 मार्च से 21 तक चला।
रत्नावली कार्यक्रम का उद्घाटन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा ने किया। उनके साथ इंदिरा गांधी महाविद्यालय लाडवा के प्राचार्य डॉ. कुशलपाल, आरकेएसडी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्यबीर मैहला, सांस्कृतिक विधाओं के संयोजक डॉ. अशोक अत्रि और सांग डायरेक्टर डॉ. राजीव शर्मा भी उपस्थित रहे।
संबोधन के दौरान कुलपति ने आरकेएसडी महाविद्यालय के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में योगदान की सराहना की और भविष्य में भी इसी प्रकार के उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद जताई। साथ ही उन्होंने गांव बुड्ढा के लोगों के साथ इंदिरा गांधी महाविद्यालय प्रशासन की आयोजन को सफल बनाने में भूमिका की प्रशंसा की।
सांग प्रस्तुति में कलाकारों ने अपने बेहतरीन अभिनय और संवाद अदायगी से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सांग की मुख्य भूमिकाएं सलोनी, रोहित, राहुल, मुस्कान और गुरनाम, दीपक, तनु व रिया ने निभाईं। दर्शकों ने कलाकारों के प्रदर्शन को खूब सराहा और 10 हजार रुपये से अधिक की राशि उपहारस्वरूप भेंट की। इस आयोजन ने न केवल हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य किया, बल्कि स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान किया। कार्यक्रम में गांववासियों की उत्साहजनक भागीदारी ने इसे और भी यादगार बना दिया।