संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद ने अवैध रूप से होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद तय समय सीमा के भीतर जुर्माना राशि न भरने के कारण तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस विभाग को लिखित शिकायत दी गई है।
नगर परिषद के जूनियर इंजीनियर संजीव धीमान ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के पिछले छह महीनों में विभाग को अवैध होर्डिंग या विज्ञापनों से किसी भी प्रकार का राजस्व प्राप्त नहीं हुआ है। शहर में बिना अनुमति के प्रचार सामग्री लगाने वालों पर नजर रखने के लिए विभाग लगातार औचक निरीक्षण कर रहा है। इसी कड़ी में नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल पांच लोगों को चिन्हित कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इन पांचों को जुर्माना भरने का समय दिया गया था, लेकिन इनमें से तीन लोगों ने दी गई समय सीमा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद परिषद ने कड़ा कदम उठाते हुए तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।
टेंडर प्रक्रिया में देरी, अगले माह की शुरुआत में उम्मीद
नगर परिषद क्षेत्र में आधिकारिक रूप से विज्ञापन और होर्डिंग लगाने के लिए कुल 30 वैध साइट्स निर्धारित की गई हैं। इन चुनिंदा और चिह्नित स्थानों पर लगे होर्डिंग से नगर परिषद को पिछले वर्ष लगभग 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। हालांकि, इस बार समय पर टेंडर न हो पाने के कारण यह प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। विभाग ने अब टेंडर प्रक्रिया को दोबारा शुरू कर दिया है और विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले महीने की शुरुआत में टेंडर फाइनल हो जाएगा।
हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर नहीं मिले होर्डिंग
करनाल-कैथल फोरलेन और कैथल-चीका हाईवे पर जांच के दौरान कोई विशेष अवैध होर्डिंग नहीं पाया गया। जम्मू-कटरा एक्सप्रेस-वे पर सरकारी नियमानुसार किसी भी प्रकार का होर्डिंग या प्रचार बोर्ड लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नगर परिषद ने साफ कर दिया है कि राजस्व को चपत लगाने वाले और शहर की सूरत बिगाड़ने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।
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शहर में अवैध होर्डिंग हटाने को लेकर लगातार अभियान चलाया जाता है। अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर जुर्माना की कार्रवाई तय है। - कपिल शर्मा, जिला नगर निगम आयुक्त।