17 राजौंद के सरकारी अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते नगर के लोग। संवाद
राजौंद। राजौंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व मलेरिया दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान राजौंद ब्लॉक के सभी पीएचसी के स्टाफ ने भाग लिया। चिकित्सा अधिकारी डाॅ. संदीप सिंह ने बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है।
इसलिए बुखार होने की स्थिति में अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपने रक्त की जांच अवश्य करवानी चाहिए। रक्त की जांच सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त की जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को मलेरिया की पुष्टि होती है तो उसका इलाज भी मुफ्त किया जाता है।
उन्होंने बताया कि मलेरिया का इलाज मरीज को पूरा लेना चाहिए अगर मरीज पूरा इलाज नहीं लेता तो मलेरिया का पैरासाइट, उस व्यक्ति के रक्त में जिंदा रहता है और वह कभी भी सक्रिय होकर मरीज को दोबारा से मलेरिया ग्रस्त कर सकता है। डाॅ. संदीप सिंह ने बताया कि मलेरिया के बुखार में मरीज को ठंड लगना, तेज बुखार आना, पसीना आना तथा उल्टी आना आदि लक्षण हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी को अपने घरों के आसपास पानी नहीं खड़ा होने देना चाहिए अगर कहीं पानी खड़ा हो तो उसमें सप्ताह में एक बार काला तेल डालना चाहिए।उन्होने बताया कि रात को सोते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनकर सोना चाहिए और मच्छरदानी का प्रयोग भी करें व मच्छर मारने वाली दवा का प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने सभी को अपने कूलर, टंकी आदि सप्ताह में एक बार साफ करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि घर की छत पर पड़े टूटे-फूटे बर्तनों को उल्टा करके रखना चाहिएं।