संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि इन दिनों में डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियां अधिक फैलने की संभावना होती है। हरियाणा सरकार द्वारा एलिसा एनएस 1 डेंगू जांच के लिए 600 रुपये निर्धारित किए हुए हैं।
इस दौरान निजी अस्पतालों में डेंगू की जांच के नाम पर अधिक शुल्क वसूली की शिकायतें प्राप्त होंगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आमजन को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान भी चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में डेंगू जांच प्रयोगशालाओं में मरीजों की डेंगू जांच के साथ-साथ अस्पतालों में भर्ती डेंगू मरीजों को प्लेटलेट्स नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। यदि प्लटेलेट्स निजी अस्पतालों से लेनी पड़ती है तो खर्च का भुगतान प्रदेश सरकार द्वारा भी किया जाएगा।
एसडीएम ने बताया कि इन दिनों में मलेरिया व डेंगू आदि होने का खतरा बना रहता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टीमों का गठन कर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लोगों को डेंगू के लक्षणों तथा उससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दे रही है। उन्होंने कहा कि मच्छरों की वजह से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया तथा जापानी बुखार होने का अंदेशा बना रहता है। मच्छर जनित हॉट स्पॉट की पहचान करें। प्रत्येक रविवार को रविवार को ड्राई डे मनाया जाए, जिसके अंतर्गत घर, ऑफिस या निर्माण स्थल पर जलभराव न होने दें। यदि कहीं पुराने टायरों में पानी भरा हो तो उसकी सफाई करवाई जाए।
एसएमओ डॉ. प्रीति सिंगला ने बताया कि गुहला में तीन केस डेंगू के कंफर्म हुए हैं, जोकि गुहला, चीका तथा तारावाली गांव से हैं। सभी को अलर्ट होने की आवश्यकता है। अपने घर के आसपास पानी न जमा होने दें, क्योंकि खडे़ हुए पानी में ही मच्छर पनपता है। प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाए, जिसके अतंर्गत कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, हौदी को आवश्यक सुखाकर ही पानी भरें।
यदि कूलर उपयोग में न लाया जा रहा है तो रगड़कर साफ करके सुखाकर ही रखें। पानी से भरे हुए गड्डों को मिट्टी से भर दें और संभव न हो तो हर सप्ताह उसमें काला तेल डाल दें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहने, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के दरवाजों व खिड़कियों पर जाली इस्तेमाल करें।
उन्होंने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में एलिसा एनएस 1 डेंगू जांच के लिए 600 रुपये सरकारी दरें निर्धारित हैं। यदि कोई प्राइवेट अस्पताल निर्धारित दरों से अधिक पैसे वसूलता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाती है। मच्छर जनित बीमारियों की जानकारी, सुझाव, शिकायत व बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग में संपर्क कर सकता है।