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बूथों पर परिवार पहचान पत्रों में त्रुटियां दूर करने की योजना

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एक बार फिर से वीरवार को 3 से 5 सितंबर तक परिवार पहचान पत्र की त्रुटियां ठीक करने के बूथों पर बीएलओ पहुंचे। लेकिन उन्हें ऑपरेटर न मिलने के कारण फिर से पिछले सप्ताह की तरह से परेशानियां आईं। इस संबंध में अमर उजाला द्वारा ग्राउंड रिपोर्ट जुटाई गई। जिसमें बीएलओ ने काफी परेशानियां बताईं।
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राजकीय मीडिल स्कूल में बूथ नंबर 107 में पहुंचे बीएलओ सुधा व मंजू ने बताया उनको उनको फैमिली आईडी बनाने की कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई। न ही उन्हें कंप्यूटर उपलब्ध करवाया गया। यदि कंप्यूटर होता तो वह स्वयं गलतियों ठीक करने की कोशिश भी कर सकती थी। लेकिन उनके पास न तो कंप्यूटर न ही ऑपरेटर। जब तक यदि सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तब तक पहचान पत्र में गलतियां ठीक कर पाना संभव नहीं है।
ऑपरेटर मिलने पर ही होगी गलतियां ठीक
राजकीय पाठशाला में बूथ 110 व 111 पर ड्यूटी कर रहे बलदेव सिंह, राजेंद्र ने बताया पिछले सप्ताह भी उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। जब भी ऑपरेटर और कंप्यूटर की मुख्य समस्या थी। अब भी वही समस्या है। इसके बारे में कई बार संबंधित विभाग को अवगत भी करवाया जा चुका है। लेकिन कोई समस्या का समाधान नही हुआ। उनके पास सुबह से लगभग 7 से 8 लोग फैमिली आईडी की गलतियां ठीक कराने के लिए आ चुके है लेकिन उनके पास पूरे संसाधन न होने से ऑफ द रिकॉर्ड नाम तो दर्ज कर लिए है। लेकिन गलतियों तभी ठीक होगी जब ऑपरेटर उनको मिलेगा। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र बनाने का अधिकांश काम तो लॉकडाउन के समय में ही निपट गया था। अब तो सरकार शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर खानापूर्ति पूरी कर रही है।
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बिना सूचना के लिए लगाई शिक्षकों की ड्यूटी
बूथ नंबर 112, 113 व 114 में ड्यूटी पर आई निर्मल, कमलकांता, अशोक व भावना ने बताया कि उनकी दूसरी बार फैमिली आईडी में त्रुटियां ठीक करने के लिए ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन इसके लिए ट्रैनिंग नहीं दी गई। वह सुबह नौ बजे ही अपनी ड्यूटी पर पहुंच गए थे। लेकिन दोपहर तक लगभग आठ से दस फैमिली कार्ड में त्रुटियों ठीक करवाने के लिए आए है। लेकिन उनके पास ऑपरेटर कंप्यूटर व अन्य सुविधा न होने से उनके पहचान पत्र की गलतियां ठीक नहीं कर पाए। उन्होंने बताया कि इस बार उनकी ड्यूटी बिना किसी सूचना का अचानक ही लगाई गई है। उनका स्कूल में शिक्षा मित्र बनाओ अभियान चला हुआ है। उसका काम भी उनका बचा हुआ है। वह उस काम को छोड़कर परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए बूथ पर पहुंचे है। लेकिन इसके बावजूद भी नप की ओर से फैमिली आईडी में गलतियां ठीक करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं दिए गए।
साइट ओपन करते ही आता है एरर: वहीं राजकीय कन्या स्कूल जाखौली अड्डा बूथ पर अध्यापिका हिमानी, ममता, सुषमा, मंजू व मनीषा ने बताया उनके पास दोपहर तक दस आवेदन फैमिली आईडी में गलतियां ठीक करवाने के लिए आए हैं। लेकिन उनमें से केवल दो ही आवेदनों की गलतियां ठीक हो पाई हैं। जैसे ही पहचान पत्र की आईडी को ओपन किया जाता है तो वह उसमें एरर आता है। एरर आने के बाद आईडी की गलतियां ठीक ही नहीं होती। पूर्ण रूप से साइट ही नहीं चलती। इस कारण से गलतियां ठीक नहीं होती और लोगों को बिना गलती ठीक करवाए ही वापस लौटना पड़ता है।
इस संबंध में ईओ अशोक कुमार ने कहा कि योजना का शुरुआती चरण है। एक दो दिन में पूरी व्यवस्था हो जाएगी। प्रयास किया जा रहा है कि योजना के तहत आ ही दिक्कतों को दूर किया जाए।
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