संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। बाबू अनंतराम जनता महाविद्यालय कौल में राजनीति विज्ञान विभाग एवं अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारत में सुशासन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने की, जबकि संचालन संयोजिका डॉ. ममता रानी और डॉ. अमनदीप कौर द्वारा किया गया।
व्याख्यान सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग, आर्य कॉलेज अंबाला कैंट की डॉ. अमनीत कौर और डॉ. गुरमीत कौर ने अपनी विद्वतापूर्ण एवं प्रेरक प्रस्तुति दी। मुख्य वक्ता डॉ. अमनीत कौर ने ‘गुड गवर्नेंस’ की संकल्पना पर विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि सुशासन ऐसी शासन प्रणाली है, जिसमें पारदर्शिता, उत्तरदायित्व, दक्षता, समान अवसर और सहभागिता जैसे मूल तत्व शामिल होते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को भारत सरकार की प्रमुख सुशासन संबंधी पहल—डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान और पारदर्शी सेवा वितरण प्रणाली—के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुशासन का उद्देश्य नागरिकों के जीवन में सुधार लाना और सरकारी नीतियों को अधिक जन-हितैषी बनाना है। साथ ही, विद्यार्थियों को समाज में पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने भी ‘भारत में सुशासन’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सुशासन वही है, जिसमें प्रशासन व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह हो, शासन जनता की जरूरतों के अनुसार काम करे, भ्रष्टाचार रहित और निष्पक्ष हो तथा कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रभावी शासन प्रणाली और नागरिक सहभागिता को सुशासन की आधारशिला बताया।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. ममता रानी ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुशासन की अवधारणा, उसके विभिन्न तत्वों तथा भारत और राज्य सरकारों द्वारा सुशासन सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत करवाना था।