संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एकीकृत सहकारी समिति विकास परियोजना यानि आईसीडीपी के तहत हुए घोटाले के आरोपी केंद्रीय सहकारी समिति बैंक के पूर्व प्रबंधक संजय हुड्डा की ओर से जमानत के लिए आवेदन किया गया था। मंगलवार को अदालत ने अर्जी को खारिज कर दिया।
संजय ने अपने परिवार में बीमारी का बहाना लगाकर न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन न्यायालय ने अर्जी खारिज कर दी। वहीं, एंटी करप्शन ब्यूरो कैथल की टीम एक बार फिर से अगले सप्ताह पैक्स बैंक की शाखाओं का दौरा करेगी। गौरतलब है कि आरोपी संजय हुड्डा, विजय और जितेंद्र कौशिक को जेल भेजा जा चुका है।
करीब साढ़े 10 करोड़ रुपये का घोटाला ः सहकारी समिति में हुए भ्रष्टाचार के तहत कैथल जिले में भी करीब साढ़े 10 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। इसमें पैक्स व केंद्रीय बैंक की शाखाओं में आरोपियों ने कोटेशन मंगवाने के तहत फर्जी बिलों पर सामान मंगवा भ्रष्टाचार किया है। इसके तहत एसीबी की तीन टीमें जांच में जुटी है। जल्द ही यह टीमें इन पैक्स व बैंक की शाखाओं में पहुंचकर सामान की जांच के तहत निरीक्षण करेंगी।
सामान मंगवाने के मामले में रिकार्ड लिया गया था। इसके तहत जांच लगातार जारी है। मंगलवार को आरोपी संजय हुड्डा ने बेल के लिए अदालन में आवेदन किया था, लेकिन आरोपी की बेल के आवेदन को न्यायालय ने रिजेक्ट कर दिया है। सूबे सिंह, इंस्पेक्टर, एसीबी, कैथल।