मैं कैथल हूं। आज अपने हाल पर आंसू बहाने के अलावा मेरे पास कुछ बचा है तो वह है एक उम्मीद। कहते भी हैं ना कि उम्मीद पर दुनिया कायम है। मैं भी आज इसी उम्मीद के सहारे ही खड़ा हूं कि मेरे शरीर के जले हुए हिस्सों के जख्म धीरे-धीरे भर जाएंगे। ...पर मुझे सबसे बड़ी चिंता जो आज सता रही है वो है मेरे अपने बच्चों के मन में पड़ी दरार की। मैने कभी किसी में कोई फर्क नहीं किया। मैं नहीं जानता कि कौन हिंदू है, कौन मुसलमान है, कौन जाट है, कौन सैनी है, कौन ब्राह्मण है, कौन पंजाबी है... मैं तो सिर्फ एक बात जानता हूं जो हैं वो सब मेेरे अपने हैं। जाट आरक्षण आंदोलन कि आग से संपत्ति के हुए नुकसान का मुझे बहुत दर्द है परंतु मेरा रोम-रोम रो रहा है मेरे बच्चों के बीच पड़ी दरार से।
सबको मैंने अपने आंगन में फलता-फूलता देखा और उजड़ता भी...किसकी साजिश थी? किसने राजनीतिक रोटियां सेंकी? मुझे इस सब में नहीं पड़ना। मैं तो बस इतना चाहता हूं कि मेरा परिवार खुशहाल रहे, मेरे सारे बच्चे एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार बनें पहले कि तरह...। 21वीं शताब्दी के पहले दशक एवं इसके बाद के 5 वर्ष तक मैंने अन्य जिलों की तुलना में कई गुणा तेजी से तरक्की की। बस अड्डे एवं इसके आसपास के इलाके में शहर की खुशहाली यहां से गुजरने वालों को अपनी कहानी अपने आप ही बयान कर देती थी। लेकिन आज करनाल रोड बाईपास चौक सहित करनाल की ओर जाने वाले मार्ग एवं जींद की ओर जाने वाले मार्ग पर जली हुई दुकानें, बिखरा सामान लोगों की जल उठी जिंदगी की कहानी ब्यां कर रहा है। 20 व 21 फरवरी को जमकर तोड़फोड़ हुई। अफवाहों के बीच हर बार एक नई दुकान उपद्रवियों का निशाना बनती रही।
कई बार अफवाहें उड़ीं की जाट स्कूल, कॉलेज को तोड़ दिया गया लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पर अफवाहों के कारण आगजनी की घटनाओं में बढ़ोतरी होती गई। छोटू राम की प्रतिमा के खंडित होने के कारण भी उपद्रव बढ़ा। पुलिस नाके से महज चंद कदमों की दूरी पर स्थित हरिकेश की दुकान पर जमकर कहर बरपा। दुकान के सामने छुप कर अपनी दुकान को लुटते हुए हरिकेश दो दिनों तक देखता रहा। हरिकेश के साथ-साथ मैं भी जल रहा था रो रहा था। मैं मानता हूं कि उपद्रवियों का कोई मजहब नहीं होता लेकिन उनके कारण जो मेरे बच्चे के अरमान जले उन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता। अपनी बेटी की शादी की तैयारियां कर रहे हरिकेश कि चिंता वाजिब है कि जब कुछ पास ही नहीं बचा तो बेटी के हाथ पीले कैसे करेगा? हरिकेश जैसे 30 से ज्यादा दुकानदार आज अपनी बर्बादी पर रो रहे हैं और मैं भी उनके साथ खून के आंसू रो रहा हूं...मेरे बच्चों से मुझे बस एक ही उम्मीद है कि वो फिर से एक होकर आगे बढ़ें और मुझे फिर से खुशहाल करें।
मेरे बच्चों का दर्द कुछ यूं भी फूट रहा है...
एसपी बढ़ाते रहे जाम लगा रहे लोगों का हौसला
टाइलों की दुकान में करीब 11 लाख से अधिक का नुकसान झेल रहे श्याम मांडी का कहना है कि खुद एसपी कई बार जाम लगा रहे लोगों के बीच बैठकर उन्हें हौसला देते रहे। अधिकारियों की शह में सैनी, पंजाबी एवं जहां भाजपा का झंडा लगा था उस प्रतिष्ठान को तहस-नहस कर दिया गया। प्रशासन इस पूरी कार्रवाई के लिए जिम्मेवार है। एसपी पर देशद्रोह का भी मामला दर्ज हो तो वह भी कम है।
पूरा सर्विस स्टेशन जला दिया, यहां खड़ी जाट स्कूल की बस को किसी ने छुआ तक नहीं...
उपद्रव का शिकार हुआ जींद रोड बाईपास पर स्थित सैनी मोटर्स का सर्विस स्टेशन बुरी तरह से उपद्रव का शिकार हुआ। यहां खड़े कई वाहनों को जला दिया गया। स्टोर सहित कार्यालय को जला दिया गया। लेकिन स्टेशन पर खड़ी जाट स्कूल की बस पूरी तरह से सुरक्षित रही। इसे उपद्रवियों ने छुआ तक नहीं।
प्रशासनिक तंत्र के फेल होने के कारण हुआ ज्यादा उपद्रव...
पूरे जिले में प्रशासनिक तंत्र के फेल होने के कारण उपद्रव ज्यादा उग्र हुआ। कैथल की तत्कालीन एसडीएम धरनास्थल पर जाकर ऐसा बयान देतीं हैं कि जैसे वे पूरे आंदोलन में शामिल रही हों। इसी तरह के आरोप जिले के एसपी, डीसी व एडीसी पर भी लग रहे हैं। इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इतना जरूर है कि यदि प्रशासनिक अधिकारी समय रहते अपने कर्तव्य का पालन कर लेते तो इतनी बड़ी बर्बादी नहीं होती। कैथल जिले में जाट जहां बहुसंख्यक हैं। विशेष रुप से कलायत हलका के गांवों एवं पुराना पाई हलके में जाटों की अच्छी खासी संख्या है। वहीं, सैनी बिरादरी की जनसंख्या भी कम नहीं है। सांसद राजकुमार सैनी की आरक्षण को लेकर बयानबाजी हो या फिर उपद्रव के दौरान अफवाहों के बीच प्रशासन की लापरवाही...सैनी समाज के लोगों को एक तरह से निशाने पर ले लिया। उपद्रव में पद्मा सिटी मॉल, जन्नत होटल जैसे पंजाबी समाज के प्रतिष्ठान भी निशाने पर रहे। लेकिन उपद्रव की चपेट में ज्यादा संख्या में सैनी समाज के लोग ही रहे।
जो बीत गया उसे भूल कर फिर से साथ मिल आगे बढ़ो और मुझे खुशहाल बना दो एक बार फिर से मुझे हरियाणा के लोगों के बीच मिसाल बना दो....तुम्हार, कैथल।