कैथल। पंजाब नेशनल बैंक नौच में कैशियर के किए गए फ्रॉड के बाद पंजाब नेशनल बैंक के आंतरिक सुरक्षा तंत्र पर भी बड़े सवाल उठे हैं। इसी कारण बैंक अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। बैंक के अधिकारी इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि आखिर कई लोगों की टीम वर्क के बावजूद बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा में कैसे सेंध लगी। इसके लिए बुधवार को दो इंस्पेक्टरों की अगुवाई में टीम ने गांव नौच में पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। यह टीम लोगों से भी बातचीत करेगी।
गौरतलब है कि गांव नौच में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में न केवल गांव नौच, बल्कि आस-पास के गांवों के लोगों के भी खाते हैं। यहां कार्यरत कैशियर रामबीर ने लोगों के साथ फर्जीवाड़ा करते हुए पैसे जमा करवाने पर उनके खातों में पैसे जमा नहीं करवाए, निकलवाते समय भी कई तरह की गड़बड़ियां की हैं। सोमवार को नए मैनेजर ने पहले ही दिन यह गड़बड़ी पकड़ ली। इसके बाद एकत्रित लोगों ने जमकर रोष प्रकट किया था। बाद में पुलिस ने रामबीर को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। लोगों में इस बात की चिंता है कि कैसे उनके पैसे वापस मिलेंगे। दूसरी ओर पंजाब नेशनल बैंक में सुरक्षा सिस्टम पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि बैंक में पैसे जमा करवाने पर कैशियर द्वारा अधिकारियों को वाउचर भेजा जाता है। अधिकारी के हस्ताक्षर के बाद नकद राशि खाते में अपडेट होती है। इसी प्रकार से पैसे निकलवाने के काम में भी दो से तीन कर्मचारियों की संलिप्तता रहती है। इस कारण सवाल उठ रहे हैं कि आखिर टीम का काम होने के बावजूद कैसे एक कैशियर इतनी बड़ी सेंध लगा सकता है।
मामले के संबंध में अब तक 23 व्यक्तियों ने धोखाधड़ी होने की शिकायत दी है। इस बारे मंे लीड बैंक मैनेजर सुरेंद्र नंदा ने कहा कि यह सही है कि बैंक में आंतरिक सुरक्षा तंत्र होता है। इस बात की जांच के लिए कि कैसे यह तंत्र टूटा। इसके अलावा यह भी प्राथमिकता है कि लोगों को कैसे उनके नुकसान की भरपाई की जाए।
इसी बात की जांच के लिए बुधवार को दो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की अगुवाई में टीम चंडीगढ़ से आई है। टीम में कर्मचारी गांव में लोगों से मुलाकात करेंगे। उनसे बातचीत कर जानकारी ली जाएगी कि कैसे उनके नुकसान की भरपाई हो। इसके अलावा भी कई पहलुओं की जांच लगातार जारी है।