कलायत। किसान नेता राकेश टिकैत देर रात्रि गांव खरक पांडवा में दिवंगत किसान नेता फतेह सिंह के भतीजे की मृत्यु पर शोक प्रकट करने के लिए पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने तीखे स्वरों में कहा कि सरकार को और कितने सबूत चाहिए। आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बृजभूषण सिंह को लेकर पूरी तरह से अंधी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास नौ जून तक का समय है। इसके बाद आर-पार की लड़ाई होगी।
उनके साथ प्रदेशाध्यक्ष रत्न मान व युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद भी गांव में पहुंचे। राकेश टिकैत ने शोक संतृप्त परिवार को ढांढ़स बंधाने के बाद पत्रकारों से कहा कि पहलवान बेटियों ने जो आरोप बृजभूषण शरण पर लगाए हैं, वे सरकार को सुनाई ही नहीं दिए। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर एफआईआर हुई और दिल्ली पुलिस जो केंद्र सरकार के अधीन है, वह कह रही कि आरोपी के खिलाफ सबूत नहीं मिले। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब बृजभूषण शरण को बचाने के हथकंडे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को सबूत नहीं मिले और खबरों में मीडिया उन सबूतों को डंके की चोट पर दिखा रहा है। किसान नेता ने केंद्र की सरकार को सीधे-सीधे नौ जून तक का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस समय तक गिरफ्तारी नहीं होती तो सभी खाप पंचायतें, सभी किसान संगठन पहलवान बेटियों को साथ लेकर जंतर-मंतर पर पहुंचेंगे। दिल्ली पुलिस व प्रशासन जितना मर्जी रुकावटें लगाएं दिल्ली हर हाल में पहुंचेंगे, क्योंकि अब यह आंदोलन केवल बेटियों का नहीं, बल्कि देश की बेटियों के मान-सम्मान का हो गया है।
सहारण खाप की पंचायत, बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग
कलायत। आंदोलनरत महिला कुश्ती पहलवानों के मुद्दे पर सहारण खाप की पंचायत शनिवार को खरक पांडवा गांव में हुई। इस मौके पर सभी ने एक स्वर से सांसद बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी मांगी।
पंचायत में सहारण खाप के सभी पांचों गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। पंचायत का अध्यक्ष खाप प्रधान साधू राम कौलेखां को बनाया गया।
पंचायत में केंद्र सरकार को नोटिस दिया कि नौ जून तक बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की जाए। यदि इस समय में उनकी गिरफ्तारी नहीं होती तो उत्तर भारत की सभी खाप पंचायतें और सभी किसान संगठन एक होकर दिल्ली कूच करेंगे।
खाप प्रधान साधू राम कौलेखां ने आरोप लगाते हुए कहा कि न्याय की मांग कर रही महिला पहलवानों पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया है, यह सहन करने की सीमा से ऊपर चला गया। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ का नारा देने वालों को न तो बेटियों का अपमान दिखाई दे रहा और न ही उनका क्रंदन सुनाई दे रहा। गुरनाम सिंह सहारण ने कहा कि अब लड़ाई न्याय मांग रही बेटियों की नहीं रही। अब उन बेटियों के बाप, भाई, चाचा, ताऊ लड़ेंगे। जब तक बेटियों को न्याय नहीं मिलता और बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक चुप होकर नहीं बैठेंगे।
इस मौके पर कृष्ण कौलेखां, बलवान, राजपाल, सुरेश कौलेखां, जगदीश रामगढ़, गंगा बिशन रामगढ़, ऋषिपाल रामगढ़, सुरेश खरक पांडवा, बलकार कौलेखां, कलि राम खेड़ी लांबा, प्रीतम खेड़ी लांबा, सुरेंद्र भाटू, गुरनाम सिंह सहारण ने भी खाप पंचायत में अपने विचार रखे। संवाद