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अब सभी के लिए घर का सपना होगा साकार

Tue, 21 Mar 2017 11:34 PM IST
ब्यूरो कैथ्ाल
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बस्ती में चल रहा निर्माण कार्य - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के बाद अब जाकर सभी के लिए घर का सपना साकार होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित योजना के तहत अब शहरी इलाके में इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। सरकार द्वारा घर बनाने के लिए सस्ती ब्याज दरों पर घर उपलब्ध करवाया जाएगा। साथ ही अलग-अलग चार कैटेगरी बनाते हुए लोगों को घर देने हेतु सर्वे शुरू कर दिया गया है। मंगलवार को लघु सचिवालय में सरकार द्वारा नियुक्त एजेंसी ने अधिकारियों व शहरी निकाय के अधिकारियों व पार्षदों के सामने योजना का ब्योरा रखा और जरूरतमंद लोगों की पहचान करने में मदद की अपील की।
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2022 तक है सभी के लिए आवास योजना का लक्ष्य
सबके लिए आवास मिशन की निर्धारित अवधि 2015 से 2022 तक है, जिसके तहत ऋण से संबंधित अवयव को छोड़ कर शेष योजना केंद्र प्रायोजित टीम के रूप में क्रियांवित की जा रही है। सभी पात्र व्यक्तियों तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जाए ताकि सभी के लिए आवास की परिकल्पना को साकार किया जा सके।

ये है पात्रता के लिए शर्तें
इस योजना की पात्रता शर्तों में लाभार्थी अथवा परिवार के नाम देश में किसी भी अन्य स्थान पर स्वयं का मकान न होना तथा लाभार्थी का स्वयं का कच्चा या पक्का अथवा रिक्त भूखंड होना चाहिए। लाभार्थी ऋण इससे पूर्व किसी आवासीय योजना का अनुदान या लाभ न लिया हो। आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक हो तथा निमभन आय वर्ग के परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से 6 लाख रुपये तक हो। लाभार्थी का आधार कार्ड एवं बैंक खाता अनिवार्य होना चाहिए।
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इस तरह मिलेगा लाभ
योजना के लिए जिस व्यक्ति के पास अपना घर होगा। उसे वर्तमान में बैंकों द्वारा ली जा रही घर के लिए ऋण पर ब्याज में 6 लाख रुपये तक 5 प्रतिशत, 6 से 9 लाख रुपये तक 4 प्रतिशत सब्सिडी व 9 से 12 लाख रुपये तक 3 प्रतिशत सब्सिडी सरकार देगी। इस योजना के तहत प्रति यूनिट मकान बनने पर केंद्र सरकार द्वारा नगर परिषद, नगर पालिका या नगर निगम को ढाई लाख रुपये की राशि वहां सीवरेज सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए दी जाएगी। दूसरी श्रेणी में जो लोग अपने घर बना रहे हैं, वे ऋण के लिए इस योजना में आवेदन कर सकते हैं।

जिनके पास जमीन नहीं हैं, उन्हें भूमि की कीमत पर मिलेगा घर
शहरी इलाके में भूमिहीन लोगों के लिए स्थानीय निकाय विभाग जमीन देखकर फ्लैट टाइप घर बनाए जाएंगे। जिसके निर्माण का खर्च सरकार देगी। उस पूरी जमीन में जितने भी अलॉटी होंगे, जमीन की कीमत सभी में बराबर बांट कर उन्हीं से उसकी कीमत ली जाएगी। इस तरह उन्हें केवल जमीन की कीमत पर बना हुआ घर मिल जाएगा। पात्र लोगों की पहचान वर्ष 2011 के सामाजिक शैक्षणिक सर्वे के आधार पर की जाएगी।

निजी बिल्डर्स को भी करना होगा स्थानीय निकाय विभाग की तर्ज पर भवनों का निर्माण
जिस तरह से सरकार स्थानीय निकाय विभाग को जमीन देकर घर बनाने का खर्च देगी, उसी तरह से निजी बिल्डर्स जो रिहायशी कालोनियां विकसित करते हैं, उन्हें घर बनाने की खर्च देगी। लेकिन बिल्डर्स को स्थानीय विभाग की तर्ज पर जमीन देकर उसी कीमत पर घर बनाने होंगे। जिन लोगों को ये मकान अलॉट किए जाएंगे, उनसे केवल जमीन की कीमतें ही ली जाएंगी।

आवदेन के लिए कंप्यूटर ऑपरेर्ट्स के हाथों ना हों लूट का शिकार
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि अभी केवल सर्वे शुरू हुआ है। इसलिए लोग कंप्यूटर ऑपरेर्ट्स के पास आवेदन हेतु फीस जमा करके लूट का शिकार ना हों। आवेदन करने के लिए जैसे ही सरकार से अनुमति मिलेगी, उसकी जानकारी दे दी जाएगी। फिलहाल एक एजेंसी द्वारा ऐसे पात्र लोगों की पहचान के लिए सर्वे किया जा रहा है। यह शहरी क्षेत्र के लिए है। इसमें स्थानीय विभाग के जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है। जिले में अब तक 1286 लोग आवेदन कर चुके हैं।
मंगलवार को हुई बैठक में इस अवसर पर नगर परिषद के चेयरमैन यशपाल प्रजापति, कलायत व राजौंद नगर पालिकाओं के प्रधान, प्रशिक्षक आकाशदीप व कमलप्रीत, चंडीगढ़ से यशी, कुलदीप मलिक, राजकुमार एमई, सुरेंद्र एमई, भंवर राणा, गुरनाम सहित अन्य संबंधित व्यक्ति मौजूद रहे।
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